रोहिणी-मृगशिरा नक्षत्र का संयोग
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रोहिणी-मृगशिरा नक्षत्र का संयोग
इस वर्ष करवा चौथ पर रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्र का संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, चंद्रमा का वृषभ राशि में उच्च स्थिति में होना दांपत्य जीवन में प्रेम और सौहार्द बढ़ाने वाला माना जाता है।यह संयोग पति-पत्नी के बीच आपसी प्रेम और प्रीति को मजबूत करने वाला है।
शुक्रास्त का दोष नहीं, भद्रा का कोई दोष नहीं
इस बार करवा चौथ के दिन शुक्रास्त का दोष नहीं रहेगा, क्योंकि शुक्र का उदय 28 अक्तूबर को सुबह हो जाएगा। इसके साथ ही 29 अक्तूबर को भद्रा भी नहीं है। शास्त्रों के अनुसार भद्रा का विचार होलिका दहन और रक्षाबंधन पर प्रमुख रूप से किया जाता है। करवाचौथ के व्रत में विवाहित महिलाएं श्रीगणेश जी, भगवान शिव जी, भगवान कार्तिकेय, माता पार्वती और चन्द्र देवता से अखंड सौभाग्य की कामना करती है इसलिए पूजा और व्रत में भद्रा का कोई दोष नहीं होता है। ऐसे में महिलाएं पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ निर्जल व्रत रखकर पूजन कर सकती हैं।