करवा चौथ का पर्व विवाहित जोड़ों के लिए प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इस साल यह त्योहार 29 अक्तूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएं अपने जीवनसाथी की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन में खुशहाली की कामना के साथ उपवास करती हैं। सुबह सरगी खाने के बाद शुरू होने वाला व्रत चंद्रमा के दर्शन और पूजा के बाद पूरा किया जाता है। हालांकि, बदलते समय के साथ इस पर्व को मनाने के तरीकों में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। अब कई पति भी अपनी पत्नी के साथ उपवास रखते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या पति का करवा चौथ का व्रत रखना धार्मिक रूप से उचित है और क्या उनके लिए ऐसा करना अनिवार्य है? आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।