करवा चौथ का व्रत भारतीय संस्कृति में सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, सुख और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। व्रत, पूजा और विशेष उपाय करने से न केवल पति-पत्नी का संबंध मजबूत होता है, बल्कि सौभाग्य में वृद्धि भी होती है।
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करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय
- फोटो : अमर उजाला
1. सुहाग सामग्री का दान
करवा चौथ के दिन सुहागिन महिलाएं विशेष रूप से सुहाग सामग्री जैसे कि लाल चूड़ियां, सिंदूर, बिंदी, काजल, मेहंदी और कंघी आदि का दान करती हैं। इसे सौभाग्यवती महिलाओं को दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है और पति की लंबी उम्र का आशीर्वाद मिलता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन सुहाग सामग्री दान करने से मां पार्वती का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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करवा चौथ पर करें इन पांच खास चीजों का दान
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2. गौरी-शंकर पूजा
करवा चौथ पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा विशेष महत्व रखती है। सुहागन महिलाएं गौरी-शंकर के रूप में शिव-पार्वती की मूर्ति का पूजन करती हैं और उन्हें सिंदूर, चूड़ियां, बिंदी, और वस्त्र चढ़ाती हैं। यह पूजा अखंड सौभाग्य और दांपत्य जीवन की सुख-समृद्धि के लिए अत्यंत लाभकारी मानी जाती है। पूजा के समय ‘ऊँ उमामहेश्वराय नमः’मंत्र का जाप किया जा सकता है, जो विवाहित जीवन के समस्त विघ्नों को दूर करने में सहायक होता है।
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शादी के बाद पहली बार करवा चौथ का व्रत
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3. सात सुहागिनों का आशीर्वाद
करवा चौथ के दिन सात सुहागिन महिलाओं का आशीर्वाद लेने का भी विधान है। व्रती महिलाएं इन महिलाओं को भोजन करवाती हैं और उन्हें सुहाग की सामग्री भेंट करती हैं। इसके बाद इन महिलाओं से अपने सुहाग की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। ऐसा करने से मां पार्वती की कृपा बनी रहती है और वैवाहित जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
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करवा चौथ
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4. चौथ माता की पूजा
करवा चौथ के दिन चौथ माता की पूजा का भी विशेष महत्व है। महिलाएं अपने करवे में जल भरकर चौथ माता को अर्पित करती हैं और उनसे सौभाग्य की प्रार्थना करती हैं। पूजा के समय सुहाग की सारी वस्त्र-आभूषण पहनना शुभ होता है।
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Karwa Chauth Wishes 2024
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5. व्रत के समय ध्यान रखने योग्य बातें
करवा चौथ व्रत के दौरान महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं, जो कि पति की दीर्घायु के लिए समर्पित होता है। इस व्रत में सूर्योदय से चंद्रोदय तक कुछ भी नहीं खाया-पीया जाता है। व्रत की शुरुआत सूर्योदय से पहले सरगी खाने से की जाती है। यह सरगी सास द्वारा दी जाती है, जिसे सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। चंद्रोदय के बाद पति के हाथों से जल ग्रहण करके ही व्रत पूर्ण होता है।
6. पति से लाल वस्त्र भेंट लेना
करवा चौथ पर पति से लाल या पीले रंग के वस्त्र या सुहाग की चीजें भेंट लेना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह रंग सौभाग्य और प्रेम का प्रतीक होते हैं। ऐसा करने से पति-पत्नी के बीच प्रेम और स्नेह बढ़ता है और उनका संबंध मजबूत होता है।