Karwa Chauth 2022: गुरुवार, 13 अक्टूबर को करवा चौथ का त्योहार मनाया जा रहा है । इस दिन सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और शाम के समय पूजा के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करती हैं। पति की लंबी उम्र के लिए ये व्रत रखा जाता है। इस दिन शाम को आसपास की सभी महिलाएं एक जगह पर इकट्ठा होकर करवा माता की पूजा करते हुए उनकी कथा सुनती हैं। उसके बाद सबको चांद के निकलने का बेसब्री से इंतजार रहता है और जैसे ही चांद का दीदार होता है महिलाएं व्रत तोड़ती हैं। करवा चौथ का इंतजार हर सुहागिन को होता है। ये इंतजार तब और भारी पड़ जाता है जब समय पर चांद का दीदार नहीं हो पाता, क्योंकि इस व्रत में चांद देखकर ही व्रत का पारण किया जाता जाता है। हालांकि कभी-कभी कुछ जगहों पर बारिश या किन्ही और कारण से चांद नजर नहीं आता है। ऐसे में व्रत रखने वाले महिलाएं परेशान हो जाती हैं। यदि आपके भी शहर में चांद नजर न आए तो क्या करें? चलिए जानते हैं...
करवा चौथ पर न दिखे चांद तो इस तरह करें पूजा और व्रत का पारण
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यदि मौसम खराब है और चंद्रमा नहीं दिख रहा है, तो व्रत खोलने का सबसे अच्छा उपाय ये है कि चांद जिस दिशा से उदित होता है, उधर मुंह करके उनका ध्यान करें और व्रत खोलें।
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करवा चौथ पर न दिखे चांद तो इस तरह करें पूजा और व्रत का पारण
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इसके अलावा कहा जाता है कि चांद नजर न आने पर महिलाएं भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान चंद्रमा के दर्शन कर पूजा-अर्चना करके अपना अपना व्रत खोल सकती हैं। यदि आपके घर में भगवान शिव की ऐसी कोई प्रतिमा न हो, तो मंदिर जाकर भी व्रत खोल सकती हैं।
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करवा चौथ पर न दिखे चांद तो इस तरह करें पूजा और व्रत का पारण
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आप पूजा घर में चावल का चंद्रमा बनाकर विधि-विधान से उनकी पूजा करके भी अपना व्रत खोल सकती हैं।