04 नवंबर को करवा चौथ है। करवा चौथ का व्रत पति- पत्नी के विश्वास, समर्पण और प्रेम को मजबूत करने वाला माना जाता है। करवा चौथ का व्रत हर वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर मनाया जाता है। इस व्रत में सुहागिन महिलाएं अपने पति के अच्छी सेहत, लंबी आयु और कई जन्मों तक दोबारा पति रूप में प्राप्त करने के लिए करवा माता से मनोकामना मांगती हैं। करवा चौथ व्रत में सुबह से महिलाएं निर्जला व्रत रखकर रात्रि के समय पर चांद के दर्शन करने के बाद और पति के हाथों से पानी पीकर व्रत को पूरा करती हैं। करवा चौथ की पूजा में कुछ खास चीजों का विशेष महत्व होता है। आइए जानते हैं करवा चौथ की पूजा में किन-किन चीजों की जरूरत होती है।