Karwa Chauth 2020: करवा चौथ व्रत नवंबर माह के पहले सप्ताह में रखा जाएगा। यह व्रत विवाहित महिलाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, करवा चौथ के व्रत को शादीशुदा स्त्रियां सौभाग्य प्राप्ति, पति की दीर्घायु और स्वस्थ्य जीवन के लिए रखती हैं।
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Karwa Chauth 2020
- फोटो : Facebook
हर साल यह व्रत कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन रखा जाता है। इस साल यह व्रत 4 नवंबर को रखा जाएगा। जो महिलाएं इस व्रत को करती हैं उन्हें कई नियमों का पालन करना आवश्यक होता है। आइए जानते हैं करवा चौथ के व्रत में किन नियमों का पालन किया जाता है।
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करवा चौथ 2020
- फोटो : सोशल मीडिया
यह व्रत सूर्योदय होने से पहले शुरू और चांद निकलने तक रखा जाता है। चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत को खोलने का नियम है।
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करवा चौथ 2020
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शाम के समय चंद्रोदय से लगभग एक घंटा पहले सम्पूर्ण शिव-परिवार (शिव जी, पार्वती जी, नंदी जी, गणेश जी और कार्तिकेय जी) की पूजा की जाती है। पूजन के समय व्रती को पूर्व की ओर मुख करके बैठना चाहिए।
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करवा चौथ 2020
- फोटो : अमर उजाला
इस दिन सुहागिन महिलाओं के द्वारा निर्जला व्रत किया जाता है और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद पति को छलनी में दीपक रख कर देखा जाता है। इसके बाद पति जल पिलाकर पत्नी के व्रत को तोड़ता है।
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करवा चौथ 2020
- फोटो : सोशल मीडिया
मान्यता के अनुसार इस व्रत को वह लड़कियां भी करती हैं, जिनकी शादी की उम्र हो चुकी है या शादी होने वाली है। करवा चौथ महज एक व्रत नहीं है, यह पति-पत्नी के पावन रिश्ते को अधिक मजबूत करने वाला पर्व भी है।