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Diwali 2020 Date, Muhurat Timing: इस साल दिवाली में ये है चौघड़िया मुहूर्त और निशिता वंदना का समय

Wed, 28 Oct 2020 08:07 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
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दिवाली 2020 - फोटो : amar ujala
दिवाली हिन्दू धर्म का बड़ा महत्वपूर्ण त्योहार है। प्रकाश और खुशियों का यह त्योहार कार्तिक मास की अमावस्या तिथि के दिन हर साल मनाया जाता है। इस साल यह त्योहार 14 नवंबर शनिवार के दिन मनाया जाएगा। दिवाली के दिन मां लक्ष्मी और गणपति महाराज की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं कि इस वर्ष दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त क्या है और दिवाली का महत्व क्या है?
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दिवाली 2020 - फोटो : Pixabay
दिवाली 2020 में लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त
इस वर्ष लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त प्रदोष काल में 1 घंटा 56 मिनट के लिए बन रहा है। दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त शाम को 05 बजकर 28 मिनट से शाम 07 बजकर 24 मिनट के मध्य है। यह मुहूर्त प्रदोष काल की पूजा का है। निशिता काल में लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त देर रात 11 बजकर 59 मिनट से देर रात 12 बजकर 32 मिनट तक है। 34 मिनट की अवधि में आपको लक्ष्मी पूजा संपन्न कर लेनी चाहिए।
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दिवाली 2020 - फोटो : अमर उजाला
दिवाली पर लक्ष्मी पूजा के लिए चौघड़िया मुहूर्त
दोपहर में लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: 02 बजकर 17 मिनट से शाम को 04 बजकर 07 मिनट तक।
शाम में लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त: शाम को 05 बजकर 28 मिनट से शाम 07 बजकर 07 मिनट तक।
रात में लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त: रात 08 बजकर 47 मिनट से देर रात 01 बजकर 45 मिनट तक।
प्रात:काल में लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त: 15 नवंबर को 05 बजकर 04 मिनट से 06 बजकर 44 मिनट तक।

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दिवाली 2020 - फोटो : Pixabay
दिवाली के दिन इसलिए होती है मां लक्ष्मी की पूजा
धार्मिक कथाओं के अनुसार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को ही समुद्र मंथन से मां लक्ष्मी का आगमन हुआ था। एक अन्य मान्यता के अनुसार इस दिन मां लक्ष्मी का जन्म दिवस होता है। कुछ स्थानों पर इस दिन को देवी लक्ष्मी के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है।
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दिवाली 2020 - फोटो : amar ujala
दिवाली पर्व का धार्मिक महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान राम जब लंका विजय कर पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ वनवास पूरा कर अयोध्या वापस आए थे। तब अयोध्या का हर घर और चौराहा दीपों की रोशनी से जगमग था। हर अयोध्यावासी ने भगवान राम के वनवास से नगर आगमन पर अपने घर को दीपों से सजाया था। तब से हर वर्ष कार्तिक मास की अमावस्या को दिवाली मनाई जाती है।
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