करवा चौथ का व्रत आने वाला है। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और अच्छी सेहत के लिए करवा चौथ का व्रत रखती हैं। करवा चौथ में सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और रात को चांद देखने के बाद अपने पति के हाथों से जल पीकर व्रत तोड़ती हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर करवा चौथ का व्रत रखा जाता है। शास्त्रों में करवा चौथ व्रत रखने के कुछ नियम बताए गए हैं। इन्ही नियमों का पालन करते हुए यह व्रत संपन्न करना चाहिए। मान्यता है कि जो भी करवा चौथ व्रत के नियमों का पालन नहीं करता है उसे इस व्रत का पूरा लाभ नहीं मिल पाता। आइए जानते हैं करवा चौथ के दिन भूलकर भी किन- किन कार्यों को नहीं करना चाहिए...
करवा चौथ में चंद्रदेव की पूजा और दर्शन का विशेष महत्व होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्रमा सफेद चीजों के कारक माने गए हैं। ऐसे में करवा चौथ के दिन भूलकर सफेद वस्तुओं का दान नहीं करना चाहिए। इसके अलावा भूलकर कर भी इस दिन काले रंग के कपड़े नहीं पहनना चाहिए। करवा चौथ में पूजा के बाद अपने से बड़े लोगों का आशीर्वाद जरूर लेना चाहिए।
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करवा चौथ व्रत वाले दिन पर भूलकर भी मन में अपने पति के अलावा किसी अन्य पुरुष का ख्याल नहीं आना चाहिए। इसके अलावा इस दिन किसी को कटु भाषा नहीं बोलनी चाहिए।
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- फोटो : अमर उजाला
करवा चौथ के दिन सुहाग की वस्तुओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पूजा के बाद भूलकर भी इन चीजों को इधर-उधर नहीं फेंकना चाहिए। पति की लंबी आयु के लिए सुहाग की चीजों को पूजा के बाद किसी नदीं या तालाब प्रवाहित करना शुभ रहता है।
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karwa chauth
- फोटो : PTI
करवाचौथ के दिन सूर्योदय के साथ ही व्रत की शुरुआत हो जाती है, इसलिए इस दिन सुबह जल्दी उठ जाना चाहिए। सुबह व्रत का संकल्प लेने से पहले अपनी सास की तरफ से सरगी को जरूर खाना चाहिए।
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करवा चौथ
पूजा-पाठ में लाल रंग को शुभ माना जाता है और काले रंग को अशुभ, इसलिए इस दिन लाल रंग के कपड़े ही पहनें क्योंकि लाल रंग प्यार का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा करवा चौथ के दिन महिलाओं को किसी का अपमान नहीं करना चाहिए। इस दिन किसी से भी वाद विवाद न करें।
शास्त्रों में इस बात का वर्णन है कि करवा चौथ व्रत के दिन महिलाओं को पति से झगड़ा नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से व्रत का फल नहीं मिलता। करवा चौथ के व्रत पर भजन कीर्तन करना चाहिए। कढ़ाई, सिलाई जैसे कामों से बचना चाहिए।