विवादों में रहने वाली राधे मां के संभल में चल रहे कल्कि महोत्सव में अलग-अलग रूप दिखे। तल्ख सवालों पर भड़कीं, नर्म पड़ीं तो खुद को मां बताया और बाद में मंच पर झूम कर नाचीं।
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राधे मां
श्रीकल्कि महोत्सव में शामिल होने पहंची राधे मां ने गुरुवार देर रात पत्रकारों से बातचीत की, लेकिन उस वक्त उनका पारा चढ़ गया जब पत्रकारों ने उनसे एक के बाद एक सवाल दागा। सवालों पर भड़की राधे मां अचानक असहज हो गईं और तू तड़ाक पर उतर आईं। कुछ ही देर में फूट फूटकर रोने लगीं।
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राधे मां
इससे पहले जब वह सवालों पर उलझीं तो उन्होंने पत्रकारों से भी उल्टे सवाल किए। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि न मैं साधु हूं न संत हूं। मैं सिर्फ राधे मां हूं। तमाम विवादों को खारिज करते हुए कहा कि ईश्वर की भक्ति प्रेम हैं। जिनके ह्रदय में प्रेम होता है वही प्रभु को पाते हैं।
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राधे मां
श्रीकल्कि महोत्सव में दूसरी बार आईं राधे मां ने कहा कि उनके ऊपर डाली बिंद्रा की ओर से लगाया गया आरोप गलत है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी कहा कि वह कोई काला जादू नहीं करतीं। अगर वह काला जादू कर सकतीं तो वह डाली के ओर से लगाए गए केस जीत गई होतीं।
उन्होंने कहा कि जो लोग उन पर आरोप लगा रहे हैं। उन पर कोई कमेंट नहीं करना चाहतीं। सिर्फ इतना कहना चाहती हूं कि जिनके खुदके घर पत्थर के होते हैं वह दूसरे के घरों पर पत्थर न मारें। प्रेसवार्ता में उन्होंने खुद को यंग बताया और कहा कि उनकी शराफत को चुनौती न दी जाए।