फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Nirjala Ekadashi 2026: कल या परसों कब रखा जाएगा निर्जला एकादशी का व्रत ? जानिए सही तारीख और व्रत के जरूरी नियम

Tue, 23 Jun 2026 11:30 AM IST
मेघा कुमारी ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Nirjala Ekadashi 2026: शास्त्रों में निर्जला एकादशी को सबसे कठिन उपवासों में गिना जाता है। कहते हैं कि, इस व्रत को श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है, आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होने लगता है।
 
विज्ञापन
1 of 5
Nirjala Ekadashi Vrat 2026 - फोटो : अमर उजाला
Nirjala Ekadashi 2026: ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहा जाता है, जो साल के बड़े उपवासों में एक है। मान्यता है कि, इस दिन बिना जल ग्रहण किए भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से पूण्य फल प्राप्त होता है। इसके अलावा इस दिन किया गया दान-पुण्य, जप-तप और उपवास जीवन में सुख, समृद्धि, सौभाग्य और खुशियां लेकर आता है। हालांकि, इस बार निर्जला एकादशी की तिथि को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है कि, व्रत 24 या 25 जून में से किस दिन किया जाएगा। ऐसे में आइए जानते हैं, निर्जला एकादशी की सही तिथि और व्रत के महत्वपूर्ण नियम।
विज्ञापन

2 of 5
Nirjala Ekadashi 2026 - फोटो : अमर उजाला AI
निर्जला एकादशी 2026 सही तिथि
  • ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 24 जून 2026 को रात 08 बजकर 09 मिनट पर होगी।
  • वहीं इस तिथि का समापन 25 जून 2026 को रात 09 बजकर 14 मिनट पर होगा।
  • उदयातिथि के अनुसार, निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून 2026, गुरुवार को रखा जाएगा।
विज्ञापन

3 of 5
Nirjala Ekadashi 2026 - फोटो : freepik
निर्जला एकादशी दुर्लभ संयोग
इस वर्ष निर्जला एकादशी पर कई अत्यंत शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। ज्योतिष के अनुसार, ऐसे संयोगों में किया गया पूजा-पाठ कई गुना फलदायी माना जाता है।
  • रवि योग - 25 जून सुबह 5:25 बजे से शाम 4:29 बजे तक
  • शिव योग -24 जून सुबह 10:24 बजे से 25 जून सुबह 10:54 बजे तक
  • सिद्ध योग - 25 जून सुबह 10:55 बजे से 26 जून सुबह 11:39 बजे तक
  • गुरुवार का दिन होने से भगवान विष्णु कृपा प्राप्ति के योग भी बन रहे हैं।

4 of 5
Nirjala Ekadashi 2026 - फोटो : istock
निर्जला एकादशी व्रत के जरूरी नियम
  • इस दिन व्रत रखने वाले व्यक्ति को पूरे दिन संयम और सात्विकता बनाए रखनी चाहिए।
  • वाणी पर नियंत्रण रखें और किसी से विवाद या कटु शब्द बोलने से बचें।
  • घर और पूजा स्थान की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
  • विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करें और व्रत का संकल्प लें।
  • जरूरतमंद लोगों को जल, वस्त्र और धन का दान करना बेहद शुभ माना जाता है।
  • अगले दिन द्वादशी तिथि में नियमपूर्वक व्रत का पारण करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
Nirjala Ekadashi 2026 - फोटो : adobe
विष्णु जी की आरती

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे।
भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥

जो ध्यावै फल पावै, दुख बिनसे मन का।
सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय...॥

मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी।
तुम बिनु और न दूजा, आस करूं जिसकी॥ ॐ जय...॥

तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतरयामी॥
पारब्रह्म परेमश्वर, तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय...॥

तुम करुणा के सागर तुम पालनकर्ता।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय...॥

तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूं दयामय! तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय...॥

दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।

अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ॐ जय...॥

विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥ ॐ जय...॥

तन-मन-धन और संपत्ति, सब कुछ है तेरा।
तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा॥ ॐ जय...॥

जगदीश्वरजी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय...॥
 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें