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Bhairav Ashtami 2019: लाभदायक होती है भैरव साधना, जानिए पूजा विधि और महत्त्व

Mon, 18 Nov 2019 08:52 AM IST
योगेश जोशी धर्म डेस्क, अमर उजाला
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भैरव बाबा भगवान शंकर के ही अवतार हैं
मंगलवार, 19 नवम्बर 2019 को भैरवाष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। तंत्र साधना के लिए काल भैरव अष्टमी उत्तम मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भैरव बाबा भगवान शंकर के ही अवतार हैं। भैरव साधना करने से भक्तों के सभी संकट दूर हो जाते हैं। भैरव साधना काफी कठिन होती है और भैरव बाबा की साधना में सात्विकता और एकाग्रता का ध्यान रखना होता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार मार्गशीर्ष कृष्ष्ण पक्ष अष्टमी के दिन भगवान शिव ने भैरव बाबा के रूप में अवतार लिया था। इसी उपलक्ष में इस तिथि
पर व्रत व पूजा का महत्त्व है।

 
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भैरव बाबा कई रुपों में विराजमान हैं
भैरव जी का महत्त्व 
भैरव बाबा का हिंदू देवताओं में बहुत अधिक महत्त्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन्हें दिशाओं का रक्षक और काशी का संरक्षक भी कहा जाता है। बटुक भैरव और काल भैरव यही हैं, भैरव बाबा कई रुपों में विराजमान हैं। 

 
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कालभैरव जी का दर्शन- पूजन करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है
व्रत का महत्त्व 
भैरवाष्टमी के दिन व्रत और पूजा उपासना करने से शत्रुओं और नकारात्मक शक्तियों का नाश हो जाता है। इस दिन भैरव बाबा की विशेष पूजा अर्चना करने से सभी तरह के पाप भी धूल जाते हैं। इस तिथि पर श्री कालभैरव जी का दर्शन- पूजन करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।

 

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भैरव बाबा की पूजा अर्चना करके भक्त निर्भय हो जाता है - फोटो : amar ujala
भैरव जी की पूजा के लाभ 
भैरव जी की पूजा उपासना करने से मनोवांछित फल मिलता है। इस दिन भैरव बाबा की पूजा अर्चना करके भक्त निर्भय हो जाता है और सभी कष्टों से मुक्त रहता है। इस दिन भैरव बाबा की पूजा और व्रत करने से समस्त विघ्न समाप्त हो जाते हैं। इनके भक्तों से भूत, पिशाच एवं काल भी दूर रहता है। 



 
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भैरव बाबा की साधना करने से क्रूर ग्रहों के प्रभाव भी समाप्त हो जाते हैं
लाभदायक है भैरव साधना
भैरव बाबा की साधना करने से क्रूर ग्रहों के प्रभाव भी समाप्त हो जाते हैं। इनकी साधना करने से सभी प्रकार की तांत्रिक क्रियाओं के प्रभाव भी नष्ट हो जाते हैं। 

 
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भैरव कथा व आरती करने से विशेष लाभ मिलता है
पूजा विधि
भैरव बाबा की उपासना षोड्षोपचार पूजन सहित करनी चाहिए और रात्री में जागरण करना चाहिए। रात में भजन कीर्तन करते हुए भैरव कथा व आरती करने से विशेष लाभ मिलता है। भैरव बाबा को प्रसन्न करने के लिए इस दिन काले कुत्ते को भोजन कराना चाहिए। 
 
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