jyeshtha purnima 2025: हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि को चंद्र देव की पूजा के लिए सबसे शुभ माना जाता है, क्योंकि इस दिन चंद्रमा अपनी पूरी चमक के साथ दिखाई देता है। इस तिथि को प्रकाश और ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। यदि पूर्णिमा पर चंद्र देवता को अर्घ्य दिया जाए, तो साधक को मानसिक शांति की प्राप्ति होती हैं। इसके अलावा पूर्णिमा पर स्नान, दान व भगवान विष्णु की पूजा करने का भी विधान है। इसके प्रभाव से साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी और कुंडली से दोष दूर होते हैं। इस दौरान सभी माह में ज्येष्ठ पूर्णिमा को विशेष माना जाता है। इसका कारण है निर्जला एकादशी। ऐसे में ज्येष्ठ माह में भगवान विष्णु की उपासना के लिए भक्तों को दो शुभ संयोग प्राप्त होते हैं। आइए जानते हैं कि ज्येष पूर्णिमा कब है।
Nirjala Ekadashi 2025: साल की सबसे बड़ी एकादशी पर करें इन चीजों का दान, बनने लगेंगे बिगड़े काम