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Jyeshtha Purnima 2025: जून में कब है ज्येष्ठ पूर्णिमा ? यहां जानें तिथि, पूजा विधि और चंद्रोदय का समय

Sat, 31 May 2025 05:57 PM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

jyeshtha purnima 2025: पंचांग के मुताबिक ज्येष्ठ माह में पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 10 जून को सुबह 11 बजकर 35 मिनट पर हो रही है। इसका समापन 11 जून को दोपहर 1 बजकर 13 मिनट पर होगा। ऐसे में ज्येष्ठ पूर्णिमा 11 जून 2025 को मनाई जाएगी। 
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हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि को चंद्र देव की पूजा के लिए सबसे शुभ माना जाता है, क्योंकि इस दिन चंद्रमा अपनी पूरी चमक के साथ दिखाई देता है। - फोटो : Freepik
jyeshtha purnima 2025: हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि को चंद्र देव की पूजा के लिए सबसे शुभ माना जाता है, क्योंकि इस दिन चंद्रमा अपनी पूरी चमक के साथ दिखाई देता है। इस तिथि को प्रकाश और ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। यदि पूर्णिमा पर चंद्र देवता को अर्घ्य दिया जाए, तो साधक को मानसिक शांति की प्राप्ति होती हैं। इसके अलावा पूर्णिमा पर स्नान, दान व भगवान विष्णु की पूजा करने का भी विधान है। इसके प्रभाव से साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी और कुंडली से दोष दूर होते हैं। इस दौरान सभी माह में ज्येष्ठ पूर्णिमा को विशेष माना जाता है। इसका कारण है निर्जला एकादशी। ऐसे में ज्येष्ठ माह में भगवान विष्णु की उपासना के लिए भक्तों को दो शुभ संयोग प्राप्त होते हैं। आइए जानते हैं कि ज्येष पूर्णिमा कब है।
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पंचांग के मुताबिक ज्येष्ठ माह में पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 10 जून को सुबह 11 बजकर 35 मिनट पर हो रही है। - फोटो : Freepik
कब है ज्येष्ठ पूर्णिमा 2025 ?
पंचांग के मुताबिक ज्येष्ठ माह में पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 10 जून को सुबह 11 बजकर 35 मिनट पर हो रही है। इसका समापन 11 जून को दोपहर 1 बजकर 13 मिनट पर होगा। ज्योतिषाचार्य मनोज कुमार द्विवेदी बताते हैं कि पूर्णिमा का व्रत 10 जून 2025, मंगलवार को रखा जाएगा। इसका कारण यह है कि पूर्णिमा तिथि का आरंभ 10 जून को दिन में हो रहा है और यह पूरी रात तक रहेगी, जिससे चंद्र दर्शन और पूजन आसानी से हो सकेगा। इस दिन चंद्रोदय का समय शाम 7 बजकर 40 मिनट रहेगा। वहीं, स्नान-दान और अन्य पुण्य कर्म 11 जून 2025, बुधवार को किए जाएंगे।


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पूर्णिमा पूजा विधि - फोटो : Freepik
पूर्णिमा पूजा विधि
  • पूर्णिमा पर सुबह ही स्नान कर लें।
  • फिर पूजा के लिए सभी सामग्री को एक स्थान पर रख लें।
  • सबसे पहले एक चौकी लेकर उसपर भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर को स्थापित करें।

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पूर्णिमा पूजा विधि - फोटो : freepik
  • अब प्रभु का गंगाजल से अभिषेक करें और उन्हें फूल अर्पित करें।
  • इसके बाद पीली मिठाई का भोग लगाएं।
  • घी का दीपक जला लें।
     
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पूर्णिमा पूजा विधि - फोटो : freepik
  • विष्णु जी के मंत्रों का जप करें।
  • प्रभु की आरती करें
  • इस दौरान भगवान विष्णु को तुलसी दल डालकर खीर का भोग लगा दें।
  • रात को चंद्रमा की आराधना करें और एक लोटे में कच्चा दूध डालकर चंद्रमा को अर्घ्य दें।
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पूर्णिमा पूजा विधि - फोटो : Istock
चंद्र मंत्र
ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम:।।

चंद्र बीज मंत्र
ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम:।।

 
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पूर्णिमा पूजा विधि - फोटो : adobe
चंद्र देव को नमस्कार करने का मंत्र
दधिशंख तुषाराभं क्षीरॊदार्णव संभवम्।
नमामि शशिनं सॊमं शम्भोर्मकुट भूषणम्॥
 

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण):
 ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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