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Pradosh Vrat July: 11 या 12 जुलाई कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत? जानें शिव पूजा का शुभ मुहूर्त

Sat, 11 Jul 2026 06:37 AM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

July 2026 Pradosh Vrat: जुलाई माह में यह व्रत रविवार को पड़ रहा है, इसलिए इसे रवि प्रदोष के रूप में जाना जाएगा। इस दिन भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है, जिससे भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है। आइए जानते हैं जुलाई 2026 में पहले प्रदोष व्रत की तिथि और शुभ मुहूर्त।
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जुलाई का पहला प्रदोष व्रत कब - फोटो : AI
July 2026 Pradosh Vrat: हिंदू धर्म में हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है, जिसका विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। इस व्रत का नाम उस दिन के अनुसार रखा जाता है, जिस दिन यह पड़ता है। जैसे यदि प्रदोष व्रत रविवार को आता है, तो उसे रवि प्रदोष कहा जाता है। जुलाई माह में यह व्रत रविवार को पड़ रहा है, इसलिए इसे रवि प्रदोष के रूप में जाना जाएगा। इस दिन भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है, जिससे भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है। आइए जानते हैं जुलाई 2026 में पहले प्रदोष व्रत की तिथि और शुभ मुहूर्त।
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जुलाई 2026 में पहला प्रदोष व्रत कब है? - फोटो : amar ujala
जुलाई 2026 में पहला प्रदोष व्रत कब है?
पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 12 जुलाई को प्रातः 2 बजकर 4 मिनट पर होगी। यह तिथि उसी दिन रात 10 बजकर 29 मिनट तक रहेगी। प्रदोष काल को ध्यान में रखते हुए, जुलाई का पहला प्रदोष व्रत 12 जुलाई 2026, रविवार को रखा जाएगा। चूंकि यह दिन रविवार है, इसलिए इसे रवि प्रदोष कहा जाएगा।
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प्रदोष पूजा मुहूर्त (जुलाई 2026) - फोटो : freepik
प्रदोष पूजा मुहूर्त (जुलाई 2026)
  • रवि प्रदोष के दिन पूजा के लिए शुभ समय शाम 7 बजकर 20 मिनट से रात 9 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। 
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव की पूजा के लिए प्रदोष काल सबसे उत्तम माना जाता है। 
  • इसके अतिरिक्त, ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 42 मिनट से 5 बजकर 25 मिनट तक रहेगा।
  • जबकि अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से 1 बजकर 10 मिनट तक रहेगा।

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रवि प्रदोष व्रत का महत्व - फोटो : adobe stock
रवि प्रदोष व्रत का महत्व
  • रवि प्रदोष के दिन भगवान शिव के साथ-साथ सूर्य देव की पूजा का भी विशेष महत्व होता है। 
  • मान्यता है कि इस व्रत को करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। 
  • साथ ही, व्यक्ति को समाज में मान-सम्मान प्राप्त होता है। 
  • यह व्रत आयु, स्वास्थ्य और मानसिक शक्ति के लिए भी लाभकारी माना जाता है। 
  • जो भक्त सच्चे मन से इस व्रत का पालन करते हैं, उन्हें पारिवारिक सुख, आत्मविश्वास और प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है।
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जुलाई 2026 में दूसरा प्रदोष व्रत कब है? - फोटो : adobe stock
जुलाई 2026 में दूसरा प्रदोष व्रत कब है?
जुलाई माह का दूसरा प्रदोष व्रत 26 जुलाई 2026, रविवार को रखा जाएगा। इस दिन त्रयोदशी तिथि की शुरुआत दोपहर 1 बजकर 57 मिनट पर होगी और इसका समापन 27 जुलाई को शाम 4 बजकर 14 मिनट पर होगा। इस दिन प्रदोष पूजा का शुभ समय शाम 7 बजकर 17 मिनट से रात 9 बजकर 28 मिनट तक निर्धारित है।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
 
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