जितिया व्रत माताओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है। संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना से महिलाएं इस दिन निर्जला उपवास करती हैं। इस वर्ष जितिया व्रत 3 अक्तूबर यानी आज रखा जा रहा है। व्रत के दौरान भगवान जीमूतवाहन की विधि-विधान से पूजा की जाती है। झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश सहित आसपास के कई इलाकों में इस पर्व को श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह व्रत मां और संतान के बीच प्रेम, समर्पण और आस्था का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विधिपूर्वक जितिया व्रत करने से संतान को दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। इस व्रत में पारण का भी विशेष महत्व है और इसे निर्धारित तिथि व समय के अनुसार ही करना चाहिए। आइए जानते हैं जितिया पारण का समय, विधि और जरूरी नियम।