कृष्णानगर के नादिया में रथ यात्रा उत्सव से पहले भगवान जगन्नाथ की मिट्टी की मूर्तियों को सजाती कलाकार।
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वेदों के अनुसार भगवान हलधर ऋग्वेद स्वरुप हैं,श्री हरि (नृसिंह) सामदेव स्वरुप हैं,सुभद्रा देवी यजुर्वेद की मूर्ति हैं और सुदर्शन चक्र अथर्ववेद का स्वरुप माना गया है। वैसे तो भारत के बहुत सारे मंदिरों के साथ आश्चर्य जुड़े हुए हैं लेकिन जगन्नाथ मंदिर से जुड़े आश्चर्य बहुत ही अद्भुत हैं। जगन्नाथ पुरी जितना खूबसूरत है उतना ही रहस्यमयी भी।समुद्र के किनारे बना यह मंदिर अपने अंदर कई दैवीय चमत्कारों को समेटे हुए है जहाँ विज्ञान के नियम भी यहाँ काम नहीं करते हैं। भगवान जगन्नाथ के इस मंदिर पर जाकर कोई भी इन आश्चर्यों को देख सकता है लेकिन बहुत प्रयासों के बाद भी अभी तक इन रहस्यों से पर्दा नहीं उठा है इनमें से कुछ इस प्रकार हैं।