गुप्त नवरात्रि का आरंभ सोमवार से हो रहा है। खास बात है कि गुप्त नवरात्रि वृद्धि योग में शुरू हो रही है। यह अवसर साधकों के लिए खास होगा। ज्योतिष के अनुसार ऐसे में ग्रह-नक्षत्रों के संयोग से साधना करने वाले गृहस्थ साधकों को सिद्धि प्राप्त करना आसान होगा। षष्ठी तिथि का क्षय होने के कारण यह नवरात्रि केवल 8 दिन की रहेगी। गुप्त नवरात्रि 22 जून से शुरू होकर 29 जून तक रहेगी। व्रत का पारण 30 जून को होगा।
गुप्त नवरात्रि विशेषकर तांत्रिक क्रियाएं, शक्ति साधना, महाकाल आदि से जुड़े लोगों के लिए विशेष महत्व रखती है। इस दौरान देवी भगवती के साधक बेहद कठोर नियमों के साथ व्रत और साधना करते हैं। इस दौरान लोग लंबी साधना कर दुर्लभ शक्तियों की प्राप्ति करने का प्रयास करते हैं। गुप्त नवरात्रि साधकों के लिए विशेष है।
इस नवरात्रि में साधक गुप्त शक्तियों की साधना करते हैं। खासतौर से 10 महाविद्याओं की सिद्धि प्राप्त कर सकते हैं। देवी भागवत के अनुसार जो साधक गुप्त नवरात्रि में कम समय में 10 महाविद्याओं में से किसी भी महाविद्या की साधना करना चाहते हैं, वह इस गुप्त नवरात्रि में अनुष्ठान करें तो उन्हें जल्दी सफलता मिलेगी तथा मनोकामना पूरी होगी।