होलिका दहन पर क्यों लगाते हैं उबटन?
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होलिका दहन पर क्यों लगाते हैं उबटन?
होलिका दहन से जुड़ी एक पौराणिक कथा है जिसके अनुसार श्री हरि विष्णु ने अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा की थी। जब होलिका प्रह्लाद को लेकर अग्नि में बैठी थी तब प्रह्लाद तो बच गए लेकिन वह स्वयं भस्म हो गईं। होलिका हिरण्य कश्यप की बहन थी जिसे आग में न जलने का वरदान प्राप्त था। लेकिन भगवान विष्णु ने अपने भक्त की रक्षा की और अधर्म पर चलने के कारण होलिका जल गई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस उपाय को करने से शरीर की नकारात्मकता और अशुद्धियां दूर होती हैं। ऐसा माना जाता है कि इससे शारीरिक और मानसिक शुद्धि होती है। साथ ही, यह प्रक्रिया बीमारियों से राहत देने और ग्रहों से जुड़े दोषों को शांत करने में भी सहायक मानी जाती है।