फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Holi 2026: होली के हर रंग का होता है अपना खास महत्व, जानें इस दिन क्यों खेला जाता है रंग गुलाल

Tue, 03 Mar 2026 12:51 PM IST
Jyoti Mehra धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Holi Colours Significance: रंगों से खेलने की परंपरा बहुत पुरानी है। ज्योतिष शास्त्र में अलग-अलग रंगों का अपना विशेष महत्व बताया गया है, जो जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह का संचार करते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि होली पर रंग गुलाल क्यों खेला जाता है।
विज्ञापन
1 of 5
होली के रंगों का महत्व - फोटो : Amar Ujala
Holi 2026 Colours: होली का पर्व हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होलिका दहन के अगले दिन रंगों का उत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन लोग एक-दूसरे को लाल, पीला, हरा, नीला, सफेद और अन्य चमकीले रंग लगाकर आनंद व्यक्त करते हैं। भारत ही नहीं विदेशों में रहने वाले भारतीय भी अपनी परंपराओं के अनुसार रंगोत्सव मनाते हैं।

धार्मिक दृष्टि से होली बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। होलिका दहन की कथा हमें संदेश देती है कि सत्य और भक्ति की शक्ति अंत में विजयी होती है। रंगों से खेलने की परंपरा बहुत पुरानी है। अलग-अलग रंगों का अपना विशेष महत्व बताया गया है, जो जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह का संचार करते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि होली पर रंग गुलाल क्यों खेला जाता है।

Holi 2026: चार ग्रहों की वक्री चाल का इन 5 राशियों पर होगा असर, होली पर चमकेगी किस्मत
 
विज्ञापन

2 of 5
राधा-कृष्ण से जुड़ी है रंगों की परंपरा - फोटो : Adobe Stock
राधा-कृष्ण से जुड़ी है रंगों की परंपरा
लोक मान्यताओं के अनुसार, होली का संबंध भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि बाल्यावस्था में श्रीकृष्ण अपने सांवले रंग को लेकर चिंतित रहते थे कि क्या गोरी राधा उन्हें स्वीकार करेंगी। तब माता यशोदा ने उन्हें समझाया कि वे राधा के पास जाकर उनके मुख पर रंग लगा दें। श्रीकृष्ण ने ऐसा ही किया और तभी से रंग लगाने की परंपरा प्रारंभ हो गई। विशेष रूप से मथुरा और वृंदावन क्षेत्र में यह कथा बड़े प्रेम से सुनाई जाती है और आज भी वहां की होली विश्वभर में प्रसिद्ध है।
विज्ञापन

3 of 5
ज्योतिषीय दृष्टि से रंगों का महत्व - फोटो : Adobe
ज्योतिषीय दृष्टि से रंगों का महत्व
ज्योतिष शास्त्र में होलाष्टक से लेकर होलिका दहन तक के समय को चुनौतीपूर्ण माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस अवधि में ग्रहों की स्थिति उग्र हो सकती है। रंगों का संबंध विभिन्न ग्रहों से होता है। जैसे रत्न अलग-अलग रंगों के होते हैं और वे ग्रहों का प्रतिनिधित्व करते हैं, उसी प्रकार होली के दिन रंगों का प्रयोग ग्रहों की नकारात्मकता को कम करने और शुभ प्रभाव को बढ़ाने का माध्यम माना जाता है।

4 of 5
अलग-अलग रंगों का महत्व - फोटो : Adobe stock
अलग-अलग रंगों का महत्व
  • हरा रंग- हरा रंग बुध ग्रह से जुड़ा माना जाता है। यह उन्नति, संतुलन और शांति का प्रतीक है।
  • पीला रंग- पीला रंग गुरु ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है और ज्ञान, पवित्रता व प्रसन्नता का सूचक है।
  • लाल रंग- लाल रंग मंगल ग्रह से संबंधित है, जो ऊर्जा, साहस और शक्ति का प्रतीक माना जाता है।
     
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
अलग-अलग रंगों का महत्व - फोटो : Adobe stock
  • गुलाबी रंग- गुलाबी रंग शुक्र ग्रह से जुड़ा है और प्रेम, कोमलता व स्नेह का संकेत देता है।
  • नारंगी रंग- नारंगी रंग सूर्य से संबंधित माना जाता है, जो उत्साह, आत्मविश्वास और रचनात्मकता को दर्शाता है।
  • नीला रंग- नीला रंग शनि ग्रह का प्रतीक है, जो स्थिरता, विश्वास और धैर्य का संदेश देता है।


 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें