होलिका दहन और उसके लाभ
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होलिका दहन के दौरान गेहूं की बालियां भूनकर खाने की परंपरा बहुत पुरानी है। विद्वानों के अनुसार, यह प्रथा सदियों से चली आ रही है, जिसमें गाय के गोबर से बनी बड़कुल्ले की माला होलिका में चढ़ाई जाती है। इसके साथ ही गन्ना, किशमिश, छुहारा, बादाम, सूखा नारियल और गेहूं की बालियों को भूनने से माना जाता है कि यह शरीर को मौसम परिवर्तन के प्रभाव से बचाने में सहायक होता है।