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Holi 2018: जानिए होली क्यों और कैसे मनाई जाती है

Mon, 19 Feb 2018 03:48 PM IST
धर्म डेस्क,अमर उजाला
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होली उत्साह,उमंग,जोश और खुशी का पर्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन महीने की पूर्णिमा को मनाई जाती है। होली मनाने से एक दिन पहले होलिका का दहन किया जाता है। इसके बाद रंग, अबीर और गुलाल से होली खेली जाती है। फिर मस्ती के रंग में डूबकर फाल्गुन के गीत गाए जाते है। भारत में होली का त्योहार बहुत पहले से मनाने की परंपरा चली आ रही है।









 
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मुगलकाल के समय में भी भारत में होली मनाई जाती है। इतिहास में बादशाह अकबर का जोधाबाई के साथ होली खेलने का वर्णन मिलता है। मुगल काल में इसे ईद-ए-गुलाबी कहा जाता था। तब लोग एक दूसरे के ऊपर रंगों की बौछार करके होली का त्योहार मनाते थे।
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होली मनाने के पीछे भगवान श्रीकृष्ण के द्वारा पूतना नामक राक्षसी का वध करना भी माना जाता है। राक्षसी के मरने के कारण बृजवासी खुशी के चलते आपस में रंग खेलते है। वहीं ऐसी भी मान्यता है कि फाल्गुन महीने में शिव के गण रंग लगाकर नाचते और गाते थे।
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हिरण्यकश्यप नाम का एक राक्षस था जिसका प्रह्राद नाम पुत्र था। प्रह्राद भगवान विष्णु का बड़ा भक्त था लेकिन हिरण्यकश्यप भगवान विष्णु का घोर विरोधी था। वह नहीं चाहता था कोई उसके राज्य में भगवान विष्णु की पूजा करें। वह अपने पुत्र को मारने का कई बार प्रयास कर चुका था लेकिन बार-बार असफल हो जाता था। तब हिरण्यकश्यप ने भक्त प्रह्राद को मारने के लिए लिए अपनी बहन होलिका को भेजा।
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