भक्ति की शक्ति का त्योहार होली से ठीक आठ दिन पहले होलाष्टक शुरू हो जाते हैं और होलिका दहन के दिन तक चलते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इन आठ दिनों में कोई भी मांगलिक कार्यक्रम जैसे शादी, ब्याह, मुंडन, गृह प्रवेश आदि निषेध माने जाते हैं। इस बार होलिका दहन 7 मार्च, मंगलवार यानी आठ दिन पहले 27 फरवरी,सोमवार तिथि अष्टमी से होलाष्टक लग जाएंगे।
ज्योतिष मान्यता के अनुसार होलाष्टक के दिनों में वातावरण में नकारात्मकता का प्रभाव रहता है। अष्टमी तिथि को चन्द्रमा,नवमी को सूर्य, दशमी को शनि, एकादशी को शुक्र, द्वादशी को गुरु, त्रयोदशी को बुध,चतुर्दशी को मंगल और पूर्णिमा को राहु उग्र अवस्था में रहते हैं। जिस कारण ग्रहों की ऊर्जा काफी नकारात्मक रहती है। इसका प्रभाव व्यक्ति के स्वभाव पर भी पड़ता है। इसलिए मान्यता है कि अगर इन दिनों में कोई शुभ काम किया जाता है तो उसका शुभ फल प्राप्त नहीं हो पाता। होलाष्टक के दौरान नकारात्मक ऊर्जाओं के प्रभाव से बचने व सेहत और धन आदि परेशानियों को दूर करने के लिए कुछ सरल उपाय बताए गए हैं
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Holashtak 2023:
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होलाष्टक के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के बालरूप या उनके अन्य स्वरूपों की फल-फूल, गुलाल, धूप-दीप से पूजा करना चाहिए और उनके मंत्रों का जाप करना चाहिए इससे आपको सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होगी, दांपत्य जीवन में खुशहाली आएगी।
इस दौरान सभी ग्रह उग्र अवस्था में रहते हैं इसलिए इन दिनों में भगवान शिव की उपासना करने से नवग्रह शांत होते हैं। होलाष्टक में महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से हर तरह के रोग से छुटकारा मिलता है और सेहत अच्छी रहती है। इसके साथ-साथ ही बेलपत्र पर चंदन से राम का नाम लिखें और शिवलिंग पर ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करते हुए अर्पित करें। ऐसा करने से जीवन में सकारात्मक बदलाब आएगा।
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Holashtak 2023
होलाष्टक के दौरान नित्यप्रति स्नान करके भगवान विष्णु के नृसिंह अवतार की पूजा और स्मरण करने से आपके जीवन में आ रही बड़ी से बड़ी समस्याओं से मुक्ति मिल जाती है।
होलाष्टकों को व्रत,पूजन और हवन की दृष्टि से अच्छा समय माना गया है। इन दिनों में किए गए दान से जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलती है।
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होलाष्टक के दौरान हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करने से शारीरिक और मानसिक व्याधाएं दूर होती हैं।
बहुत मेहनत करने के बाद भी आप आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं तो होलाष्टक के दिनों में माता लक्ष्मी की पूजा करने के बाद श्रीसूक्त का पाठ करें, इस उपाय को करने से माता लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसती है,धन का आगमन होता है।
होलाष्टक में नकारात्मक ऊर्जाएं हावी हो जाती हैं,इसलिए इनसे बचने के लिए होलाष्टक के पहले दिन घर के मुख्य दरवाजे के दोनों तरफ हल्दी या सिन्दूर से स्वास्तिक बनाएं।