विक्रम संवत के अनुसार ऐसा होगा 2026
- फोटो : Amar Ujala
कैसा रहेगा यह वर्ष?
शास्त्रों में वर्णित संकेतों के अनुसार रौद्र संवत्सर में वर्षा सामान्य से कम हो सकती है। इसका असर कृषि उत्पादन पर पड़ सकता है, जिससे अनाज और आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने की संभावना रहती है। इसके अतिरिक्त अग्नि संबंधी घटनाएं, प्राकृतिक आपदाएं और राजनीतिक अस्थिरता जैसी स्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं। देशों के बीच तनाव, विरोध या संघर्ष की स्थिति बनने की आशंका भी ज्योतिषीय गणनाओं में व्यक्त की जाती है। हालांकि यह सभी संकेत संभावनाओं पर आधारित होते हैं, जिनका उद्देश्य सतर्कता और सजगता बनाए रखना है।