Hariyali Teej Vrat Rules: हरियाली तीज का पावन पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए खास महत्व रखता है। ये दिन माता पार्वती और भगवान शिव के पुनर्मिलन का प्रतीक होता है, और महिलाएं इस दिन पूरे श्रद्धा भाव से निर्जला व्रत रखती हैं। यह व्रत अखंड सौभाग्य, सुख-समृद्धि और पति की लंबी उम्र के लिए किया जाता है।
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इस दिन महिलाएं हरी चूड़ियाँ, लहरिया साड़ी, मेहंदी और सोलह श्रृंगार करके झूला झूलती हैं और मंगल गीत गाती हैं। लेकिन कई बार अज्ञानता या जल्दबाज़ी में कुछ ऐसी छोटी-छोटी गलतियाँ हो जाती हैं, जिनसे व्रत का पुण्य कम हो सकता है या उसका फल पूरी तरह नहीं मिल पाता। ऐसे में ज़रूरी है कि व्रत करते समय कुछ बातों का ध्यान रखें। आगे हम बताएंगे कि हरियाली तीज पर कौन-कौन सी बातें भूलकर भी नहीं करनी चाहिए ताकि आपका व्रत पूरी तरह सफल और फलदायी हो सके।
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