Hariyali Teej 2025: हर साल सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज मनाई जाती है। इस दिन मुख्य रूप से भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा- अर्चना की जाती हैं। मान्यता है कि हरियाली तीज पर शिव-पार्वती का पुनर्मिलन हुआ था। इसलिए इस तिथि पर उपवास रखने से पति-पत्नी का साथ 7 जन्मों तक बना रहता है। इसके अलावा इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, तरक्की और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला व्रत भी रखती हैं। हिंदू धर्म में हरियाली तीज को प्रमुख पर्व माना जाता है और यह प्रेम और सौभाग्य का प्रतीक है। चूंकि व्रत का नाम ही हरियाली तीज है इसलिए हरे रंग का विशेष महत्व है। व्रत की पूजा के दौरान हमेशा हरे रंग के वस्त्र धारण किए जाते हैं। यही नहीं हरे रंग की चूड़ियां, मेहंदी लगाने की खास परंपरा है। लेकिन क्या आप जानते हैं आखिर हरियाली तीज पर हरे रंग का क्या महत्व है ?अगर नहीं तो आइए जानते हैं