फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chaitra Navratri 2020: अष्टमी और नवमी तिथि पर होता है कन्या पूजन, जानिए संपूर्ण पूजा विधि

Tue, 31 Mar 2020 02:52 PM IST
योगेश जोशी धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
kanya pujan
25 मार्च, बुधवार से नवरात्रि की शुरुआत हो गई है। इन दिनों में मां को प्रसन्न करने के लिए भक्तजन विधि- विधान से पूजा-पाठ करते हैं और 9 दिनों तक उपवास रखते हैं। नवरात्रि में मां को खुश करने का सबसे आसान उपाय है कन्या पूजन। व्रत न रखने वाले भी कन्या पूजन कर मां की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। आइए, आज जानते हैं कन्या पूजन के बारे में.... 
 
विज्ञापन

2 of 5
kanya pujan
जिस तरह से नवरात्रि के नौ दिनों में देवी के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है ठीक उसी प्रकार नवरात्रि के सप्तमी तिथि से कन्या पूजन भी शुरू हो जाता है। नवरात्रि में कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। कन्या पूजन के बिना नवरात्रि का पूरा फल प्राप्ति नहीं होता है। अष्टमी और नवमी के दिन कन्याओं को नौ देवी का रूप मानकर घर में इनका स्वागत-सत्कार किया जाना चाहिए।
 
 
विज्ञापन

3 of 5
kanya pujan
  • बिना कन्या पूजन के नवरात्रि का व्रत रखने वाले भक्तों का व्रत पूरा नहीं होता है। नवरात्रि में नौ कन्याओं का पूजन और भोजन कराने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती हैं।

4 of 5
kanya pujan
  • शास्त्रों में कन्या पूजन के लिए अष्टमी की तिथि को कन्या पूजन को सबसे शुभ माना गया है। लेकिन जो भक्त पूरे नौ दिन का व्रत करते हैं तिथि के अनुसार कन्या पूजन करने के बाद ही व्रत खोलते हैं।



 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
kanya pujan
कन्या पूजन की विधि
  • कन्या पूजन और भोज के लिए पहले से कन्याओं को निमंत्रण दिया जाना चाहिए है।
  • कन्या पूजन से पहले सभी कन्याओं के पैरों को दूध और पानी से भरे थाल में उनके पैरों को धोना चाहिए और पैर छूकर उनका आशीर्वाद लेना चाहिए।
  • इसके बाद सारी कन्याओं के माथे पर अक्षत और कुमुम का टीका लगाना चाहिए।
  • फिर मन में माता दुर्गा का ध्यान करते हुए सभी कन्याओं को भोजन कराएं और दक्षिणा देकर उन्हें विदा करें। इसके अलावा 9 कन्याओं के साथ एक बालक भी होना चाहिए क्योंकि बालक को हनुमानजी का रूप माना जाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें