Happy Chaitra Navratri 2022 : शास्त्रों में मां दुर्गा अर्थात शक्ति को रक्षक कहकर पुकारा गया है। मां शक्ति की उपासना कर हर कोई प्राणी शक्ति एवं सामर्थ्य अर्जित कर सकता है। इन दिनों भक्त माता की कृपा पाने के लिए पूजा-पाठ,भक्ति एवं शक्तिधामों की यात्राएं करते हैं। नवरात्रि के दिनों में मां के अलग-अलग रूपों की आराधना और देवी मां को प्रसन्न करने के लिए आप कुछ उपाय कर सकते हैं। ऐसी मान्यता है कि नवरात्रि के दिनों में ये उपाय जल्दी ही शुभ फल प्रदान करते हैं।
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मां शैलपुत्री
मां शैलपुत्री-
माँ शैलपुत्री देवी पार्वती का ही स्वरूप हैं जो सहज भाव से पूजन करने से शीघ्र प्रसन्न हो जाती हैं और भक्तों को मनोवांछित फल प्रदान करती हैं। मां की कृपा पाने के लिए इस दिन मंदिर में त्रिशूल भेंट करना चाहिए।
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ब्रह्मचारिणी।
- फोटो : अमर उजाला
मां ब्रह्मचारिणी-
देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरुप अत्यंत दिव्य और भव्य है। भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए इन्होने हज़ारों वर्षों तक घोर तपस्या की थी। जंगल में फल और पत्तों को खाकर इन देवी ने अपनी साधना पूर्ण की थी और शिव को पति रूप में प्राप्त किया। इस दिन इन देवी को कमल का पुष्प अर्पित करना विशेष फलदाई है।
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मां चंद्रघंटा
माँ चंद्रघंटा-
बाघ पर सवार माँ चंद्रघंटा के शरीर का रंग स्वर्ण के सामान चमकीला है। इनके मस्तक में घंटे के आकार का अर्धचंद्र विराजमान है। इसलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। शक्ति के इस स्वरुप को प्रसन्न करने के लिए चांदी का चंद्रमा मंदिर में भेंट करें,दूध के बने हुए मिष्ठान से इनका भोग लगाएं।
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कूष्मांडा
- फोटो : SELF
माँ कूष्माण्डा -
शेर पर सवार माँ कूष्मांडा देवी ने ही ब्रह्माण्ड की रचना की थी। इसलिए इन्हें सृष्टि की आदि स्वरूपा व आदि शक्ति भी कहते हैं। देवी कूष्मांडा को प्रसन्न करने के लिए आठ वर्ष की कन्या को भोजन कराएं एवं मंदिर में कलश दान करें
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मां स्कंदमाता
- फोटो : amar ujala
मां स्कंदमाता
भगवान स्कंद (कार्तिकेय)की माता होने के कारण देवी के इस पांचवे स्वरुप को स्कंदमाता के नाम से जाना जाता है। यह कमल के आसान पर विराजमान हैं इसलिए इन्हें पद्मासन देवी भी कहा जाता है। स्कंदमाता का वर्ण पूर्णतः शुभ्र है। इन देवी को प्रसन्न करने के लिए पुस्तकों का दान करें साथ ही धार्मिक किताबों का पूजन भी करना चाहिए।
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मां कात्यायनी
- फोटो : amar ujala
मां कात्यायनी
मां कात्यायनी देवताओं और ऋषियों के कार्य को सिद्ध करने के लिए महर्षि कात्यान के आश्रम में प्रकट हुईं इसलिए इनका नाम कात्यायनी पड़ा। यह देवी दानवों और शत्रुओं का नाश करती है। माँ कात्यायनी की कृपा पाने के लिए तुलसी के पेड़ के नीचे घी या सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
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कालरात्रि देवी
- फोटो : self
मां कालरात्रि
सातवां स्वरूप है माँ कालरात्रि का इनका वर्ण एकदम काला तथा बाल बिखरे हुए हैं और इनके गले की माला बिजली के समान चमकने वाली है। इन्हें तमाम आसुरिक शक्तियों का विनाश करने वाली देवी बताया गया है। सत्य बोलने बालों से माँ बहुत प्रसन्न होती हैं,उपाय के तौर पर माँ को गुलगुले चढ़ाएं व कन्याओं को भोजन करवाएं।
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मां महागौरी
- फोटो : SELF
मां महागौरी
देवी महागौरी का स्वरूप अत्यंत उज्जवल और श्वेत वस्त्र धारण किए हुए है। भक्तों के लिए यह देवी अन्नपूर्णा स्वरुप हैं। इसलिए अष्टमी के दिन कन्याओं के पूजन का विधान है। इन देवी की कृपा पाने के लिए इस दिन महागौरी को गंगाजल से स्नान कराएं और नारियल अर्पित करें।
मां सिद्धिदात्री
नवीं शक्ति सभी सिद्धियों को देनी वाली हैं। देवी सिद्धिदात्री कमल पर विराजमान हैं और हाथों में कमल,शंख,गदा,सुदर्शन चक्र धारण किए हुए हैं। माँ सिद्धिदात्री को प्रसन्न करने के लिए इस दिन इनकी पूजा के साथ भगवान शिव की भी आराधना करनी चाहिए।