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Gita Jayanti 2024: कब मनाई जाएगी गीता जयंती? यहां जानें पूजा विधि और गीता पाठ के फायदे

Sat, 07 Dec 2024 05:00 PM IST
शिखर बरनवाल धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

गीता जयंती हिंदू धर्म एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह त्योहार हर साल मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। इस साल गीता जयंती 11 दिसंबर 2024 को मनाई जाएगी।
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गीता जयंती 2024 - फोटो : Amar Ujala
Gita Jayanti Puja Vidhi: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गीता जयंती मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। यह सनातन धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है। इसी दिन महाभारत के युद्ध के मैदान में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को भगवत गीता का उपदेश दिया था। गीता में जीवन के दर्शन, कर्म योग, भक्ति योग और ज्ञान योग का विस्तृत वर्णन है। यह ग्रंथ न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि जीवन के हर पहलू में मार्गदर्शन प्रदान करता है। गीता जयंती के दिन लोग गीता का पाठ करते हैं, भजन गाते हैं और भगवान कृष्ण की पूजा करते हैं। इस पर्व का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह हमें जीवन की समस्याओं का समाधान बताता है और आध्यात्मिक विकास में सहायक होता है। इस साल गीता जयंती 11 दिसंबर 2024 को मनाई जाएगी।
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गीता जयंती - फोटो : adobe stock
गीता जयंती 2024 की तिथि, समय और शुभ योग
हर साल मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को गीता जयंती मनाई जाती है, जिसे मोक्षदा एकादशी भी कहा जाता है।
एकादशी तिथि का प्रारंभ- 11 दिसंबर 2024 को सुबह 3 बजकर 42 मिनट से
एकादशी तिथि का समापन- 12 दिसंबर 2024 को सुबह 1 बजकर 09 मिनट तक रहेगा
ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, गीता जयंती 11 दिसंबर 2024 को मनाई जाएगी।

वैदिक पंचांग के मुताबिक, गीता जयंती के दिन कई शुभ योग बन रहे हैं। इस दिन वरीयान, रवि और बद्रवास योग का निर्माण होने जा रहा है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक इन शुभ योगों में भगवान विष्णु की पूजा करने से भक्तों को मन के मुराद पूरे होते हैं।
 
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गीता जयंती - फोटो : adobe stock
गीता जयंती पूजा विधि
गीता जयंती के दिन प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान करते हुए उनकी पूजा विधि पूर्वक करें। सूर्य देव को जल अर्पित करने के बाद श्रीकृष्ण की मूर्ति या चित्र पर चंदन, फूल और दीपक अर्पित करें। भगवद्गीता के ग्रंथ को चंदन और तिलक लगाकर पूजा करें। इसके बाद गीता के श्लोकों का पाठ करें और गीता की आरती करें।

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गीता पाठ करने के फायदे - फोटो : adobe stock
गीता पाठ करने के फायदे
शास्त्रों के अनुसार, गीता का नियमित पाठ घर में सुख-समृद्धि लाता है और बुरी शक्तियों को दूर भगाता है। यह ग्रंथ धर्म, कर्म, नीति, सफलता, सुख और जीवन प्रबंधन के मूल मंत्रों से भरा है। गीता का पाठ न केवल आत्मबल बढ़ाता है बल्कि व्यक्ति को हर परिस्थिति का सामना करने की शक्ति भी प्रदान करता है।
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गीता पाठ करने के फायदे - फोटो : adobe stock
आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों के लिए भी गीता का पाठ लाभदायक होता है, क्योंकि यह घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। मानसिक परेशानी, गृह क्लेश और शत्रुओं से मुक्ति के लिए भी गीता का पाठ एक अचूक उपाय है। गीता के श्लोक व्यक्ति को जीवन की वास्तविकता से अवगत कराते हैं। नियमित गीता पाठ घर के वास्तुदोष को दूर करता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
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