बिना पूजा-पाठ के, जल्दबाजी में या नियमों की अनदेखी कर विसर्जन करना अशुभ माना जाता है।
विसर्जन के समय नियमों का पालन न करना
गणेश चतुर्थी की पूजा का समापन विसर्जन से होता है, जिसे पूरी विधि-विधान और मंत्रोच्चारण के साथ करना चाहिए। बिना पूजा-पाठ के, जल्दबाजी में या नियमों की अनदेखी कर विसर्जन करना अशुभ माना जाता है। सही मंत्रों के साथ श्रद्धा से विसर्जन करने से गणपति की कृपा बनी रहती है और आने वाले समय में सुख-समृद्धि आती है।
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