ganesh chaturthi 2019
- फोटो : ganesh chaturthi 2019
जानिए क्यों जरूरी है देवी-देवताओं का विसर्जन
वेदों में कहा गया है कि सभी देवी-देवता मंत्रों से बंधे होते हैं। उन्हें मंत्र के जरिए उनके लोक से बुलाया जाता है। जिन प्रतिमा को स्थापित करके मंत्रों द्वारा उनमें प्राण डाला जाता है वही प्रतिमा देव रूप होती है और उन्हीं का विसर्जन किया जाता है। विसर्जन के दौरान देवी लक्ष्मी व सरस्वती के अलावा सभी देवी-देवताओं से उनका नाम लेकर कहा जाता है कि क्षमस्व स्वस्थानम् गच्छ। यानी कि आप अपने स्थान पर जाएं। देवी लक्ष्मी और सरस्वती को विदा नहीं किया जाता है इसलिए इनके लिए कहा जाता है ओम सांग-सवाहन-सपरविार भूर्भवः स्वः श्रीसरस्वती पूजितोसि प्रसीद प्रसन्ना-मयि रमस्व। अग लक्ष्मी माता की पूजा कर रहे हों तो इस मंत्र में सरस्वती की जगह मां लक्ष्मी का नाम लें।
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