फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

2026 Hindu Festival Dates: कब है पितृ पक्ष, नवरात्रि, दशहरा, दिवाली और छठ पूजा? देखें तिथि सहित पूरा कैलेंडर

Fri, 07 Aug 2026 02:00 PM IST
ज्योति मेहरा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Festival Calendar 2026: साल 2026 में भी श्राद्ध पक्ष से लेकर नवरात्रि, दिवाली और छठ पूजा तक का समय धार्मिक दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है। आइए जानते हैं श्राद्ध पक्ष से छठ पूजा तक सभी पर्वों की सही तिथियां।
विज्ञापन
1 of 6
पितृ पक्ष से छठ पूजा तक का पूरा कैलेंडर - फोटो : AI
Indian Festivals October November 2026: भारतीय संस्कृति में त्योहारों का विशेष महत्व है और हर पर्व अपने साथ आस्था, परंपरा और उल्लास का अनोखा संगम लेकर आता है। साल 2026 में भी श्राद्ध पक्ष से लेकर नवरात्रि, दिवाली और छठ पूजा तक का समय धार्मिक दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है। यह पूरा कालखंड पितरों के तर्पण, देवी उपासना, लक्ष्मी पूजन और सूर्य आराधना के लिए समर्पित होता है। ऐसे में लोग इन महत्वपूर्ण तिथियों का इंतजार करते हैं और समय से पहले इसकी जानकारी रखना चाहते हैं ताकि पूजा-पाठ और व्रत की तैयारी सही तरीके से की जा सके। आइए जानते हैं श्राद्ध पक्ष से छठ पूजा तक सभी पर्वों की सही तिथियां।
विज्ञापन

2 of 6
श्राद्ध पक्ष 2026 - फोटो : AI
पितृ पक्ष कब से शुरू होगा?
हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद पूर्णिमा के बाद से श्राद्ध पक्ष यानी पितृ पक्ष की शुरुआत होती है। साल 2026 में श्राद्ध पक्ष 26 सितंबर 2026 से प्रारंभ होगा और 10 अक्तूबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि पितृ पक्ष में किए गए कर्मकांड से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
विज्ञापन

3 of 6
नवरात्रि 2026 - फोटो : AI
नवरात्रि 2026 कब है?
श्राद्ध पक्ष समाप्त होने के बाद शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ होता है। वर्ष 2026 में नवरात्रि 11 अक्तूबर से शुरू होकर 20 अक्तूबर तक मनाई जाएगी। यह नौ दिन मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा के लिए समर्पित होते हैं। भक्तजन व्रत रखते हैं, गरबा और डांडिया जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं और घरों में घट स्थापना कर देवी का आह्वान करते हैं। 

दशहरा 2026 कब है? 
नवरात्रि का समापन विजयदशमी के साथ होता है, जिसे दशहरा भी कहा जाता है। इस वर्ष विजयदशमी 20 अक्तूबर 2026 को मनाई जाएगी।

4 of 6
दिवाली 2026 कैलेंडर - फोटो : AI
दिवाली 2026 कब है?
दिवाली, जिसे रोशनी का पर्व भी कहा जाता है, पूरे देश में बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। दिवाली के दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है और घरों को दीपों और रोशनी से सजाया जाता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। साल 2026 में दीपावली का मुख्य पर्व 9 नवंबर को मनाया जाएगा। 

दिवाली 2026 कैलेंडर
तारीख तिथि पर्व
6 नवंबर 2026 द्वादशी धनतेरस
8 नवंबर 2026 चतुर्दशी नरक चतुर्दशी, छोटी दिवाली
9 नवंबर 2026 अमावस्या दीपावली
10 नवंबर 2026 प्रतिपदा गोवर्धन पूजा
11 नवंबर 2026 द्वितीया भैया दूज
 
विज्ञापन

5 of 6
छठ पूजा 2026 कैलेंडर - फोटो : AI
छठ पूजा 2026 कब है?
छठ पूजा विशेष रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड में मनाई जाती है। यह सूर्य देव और छठी मैया की उपासना का पर्व है। इस पर्व में व्रती कठिन नियमों का पालन करते हैं और नदी या तालाब के किनारे सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं। छठ पूजा को शुद्धता, अनुशासन और आस्था का प्रतीक माना जाता है। साल 2026 में छठ पूजा 13 नवंबर से शुरू होकर 16 नवंबर तक चलेगी।

छठ पूजा 2026 कैलेंडर
तारीख तिथि पर्व
13 नवंबर 2026 चतुर्थी नहाय खाय
14 नवंबर 2026 पञ्चमी लोहंडा और खरना
15 नवंबर 2026 षष्ठी छठ पूजा, सन्ध्या अर्घ्य
16 नवंबर 2026 सप्तमी उषा अर्घ्य, पारण 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
पूजा - फोटो : Amar Ujala
श्राद्ध पक्ष से लेकर छठ पूजा तक का यह पूरा समय भारतीय परंपरा में अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। जहां एक ओर पितृ पक्ष हमें अपने पूर्वजों को याद करने और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देता है, वहीं नवरात्रि, दिवाली और छठ जैसे पर्व जीवन में ऊर्जा, सकारात्मकता और समृद्धि का संचार करते हैं।

Shiv Parivar Puja: शिव परिवार की महिमा पूरे भारत में, जानिए किस क्षेत्र में किसकी होती है सबसे अधिक पूजा
Jalabhishek Niyam: शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय इन बातों का रखें ध्यान, जानें क्या है सही नियम

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें