Dussehra 2026 Life Lessons: हर साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी यानी दशहरा का पावन पर्व पूरे देश में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन मैदानों में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के ऊंचे-ऊंचे पुतले जलाए जाते हैं। देखने में यह केवल एक उत्सव या रावण वध का मंचन लग सकता है, लेकिन इसके पीछे मानव जीवन का एक बहुत गहरा संदेश छिपा हुआ है।
रावण सिर्फ एक पौराणिक पात्र नहीं था, बल्कि वह परम ज्ञानी और महाज्ञानी होने के बावजूद अपने अहंकार और बुराइयों के कारण सर्वनाश को प्राप्त हुआ। यह पर्व हमें सिखाता है कि जीवन में ज्ञान चाहे कितना भी हो, अहंकार हमेशा विनाश का कारण बनता है।