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Dussehra 2025: दशहरा पर क्या है रावण दहन का समय? यहां जानें शस्त्र पूजन का मुहूर्त और विधि

Thu, 02 Oct 2025 10:36 AM IST
मेघा कुमारी ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Dussehra 2025: 2 अक्तूबर 2025 को देशभर में हर्ष और उल्लास के साथ दशहरा मनाया जा रहा है। यह पर्व हिंदू पंचांग के आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर मनाया जाता है। 
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दशहरा 2025 - फोटो : amar ujala
Dussehra 2025: 2 अक्तूबर 2025 को देशभर में हर्ष और उल्लास के साथ दशहरा मनाया जा रहा है। यह पर्व हिंदू पंचांग के आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक इस दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर अधर्म और अहंकार पर सत्य की जीत हासिल की थी। इस दिन को बुराइयों पर अच्छाई की जीत के रूप में भी मनाया जाता है। इसलिए इस तिथि पर पूजा-अर्चना, हवन और दान जैसे पुण्य काम करने पर सभी प्रकार की नकारात्मकता, भय और बाधाओं से साधक दूर होता है। वहीं दशहरा के शुभ अवसर पर जहां रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया जाता है, वहीं घरों में शस्त्र पूजन करने की भी विशेष परंपरा है। ऐसे में आइए इस दिन के शुभ मुहूर्त और महत्व को विस्तार से जानते हैं। 
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शस्त्र पूजन का शुभ मुहूर्त - फोटो : adobe
शस्त्र पूजन का शुभ मुहूर्त
पंचांग के मुताबिक दशहरा पर शस्त्र पूजन का शुभ मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 9 मिनट से प्रारंभ होगा। यह मुहूर्त 2 बजकर 56 मिनट तक बना रहेगा। ऐसे में आप इस अवधि में शस्त्र पूजन कर सकते हैं। 

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Dussehra 2025 - फोटो : अमर उजाला
दशहरा 2025 में रावण दहन का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषियों के मुताबिक रावण के पुतले का दहन सूर्यास्त के बाद किया जाता है। इस वर्ष दशहरा पर सूर्यास्त शाम 6 बजकर 5 मिनट पर होगा। ऐसे में इसके तुरंत बाद रावण दहन कर सकते हैं। 

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Dussehra 2025 - फोटो : Adobe Stock
शस्त्र पूजन विधि 
  • दशहरा पर शस्त्र पूजन के लिए सबसे पहले अपने सभी अस्त्र-शस्त्रों को पूजा स्थान पर एकत्रित कर लें।
  • अब एक साफ चौकी लेकर उसपर लाल रंग का वस्त्र बिछाएं।
  • अब सभी शस्त्रों को साफ करें और उसे चौकी पर रख दें।
  • इसके बाद शस्त्रों पर गंगाजल का छिड़काव करें और प्रभु के मंत्रों का स्मरण करें। 
  • अब शस्त्रों पर कलावा बांधें और उन पर तिलक लगाकर भगवान राम के नाम का जाप करें।
  • अब उनपर ताजे फूलों की माला अर्पित करें।
  • अब शुद्ध देसी घी से दीप जला लें और सुख-समृद्धि की कामना करें।
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विजयदशमी पर शमी का महत्व - फोटो : amar ujala
शमी के पौधे की पूजा का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रावण से युद्ध करने से पूर्व भगवान राम ने शमी के पौधे के समक्ष झुककर विजय की कामना की थी। तभी से दशहरा पर शमी के पौधे की पूजा का महत्व माना जाता है। इसके प्रभाव से जीवन में सुख-समृद्धि, खुशहाली, कार्यों में आ रही बाधाएं दूर व विरोधियों से मुक्ति मिलती हैं।
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Dussehra 2025 - फोटो : adobe
मां दुर्गा की पूजा का महत्व
दशहरा के दिन मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन देवी दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था। इसलिए इसे  शक्ति की जीत का त्योहार भी कहते हैं।
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दशहरा पंचांग 2025 - फोटो : Adobe
दशहरा पंचांग 2025
 
तिथि दशमी 19:04 तक
नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 09:03 तक
प्रथम करण तैतिल 07:11 तक
द्वितीय करण  गारा 19:04 तक
पक्ष शुक्ल  
वार गुरुवार  
योग सुकर्माण 23:21 तक
सूर्योदय 06:14  
सूर्यास्त 17:18  
चंद्रमा  मकर  
राहुकाल 13:34 − 15:02  
विक्रमी संवत् 2082  
शक संवत 1947 विश्वावसु
मास अश्विन  
शुभ मुहूर्त अभिजीत 11:43 − 12:30



 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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