ज्योतिष शास्त्र में दशहरे की तिथि को अबूझ मुहूर्त के रूप में देखा जाता है, जिसका मतलब होता है , ऐसा समय जो स्वाभाविक रूप से शुभ होता है
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दशहरा को अबूझ मुहूर्त क्यों माना जाता है?
ज्योतिष शास्त्र में दशहरे की तिथि को अबूझ मुहूर्त के रूप में देखा जाता है, जिसका मतलब होता है , ऐसा समय जो स्वाभाविक रूप से शुभ होता है और जिसमें किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए अलग से मुहूर्त निकालने की जरूरत नहीं होती। इस दिन लोग बिना किसी विशेष गणना या ज्योतिषीय सलाह के नई चीज़ें खरीदते हैं, जैसे कि वाहन, प्रॉपर्टी या कीमती सामान। साथ ही, कई लोग नया व्यापार या कोई महत्वपूर्ण काम भी दशहरे से ही शुरू करते हैं। यह दिन सफलता, समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इसे जीवन के नए आरंभ के लिए आदर्श समय माना गया है।