फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ganesh Visarjan 2025: घर पर गणपति विसर्जन के बाद इस पौधे में डालें जल, घर में बनी रहेगी शांति और समृद्धि

Fri, 05 Sep 2025 01:00 PM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Ghar Par Aise Karein Ganpati Visarjan: गणेश विसर्जन के बाद उस जल को किसी खास पौधे में डालने की परंपरा बेहद शुभ मानी जाती है। इसलिए इस अनंत चतुर्दशी पर गणपति विसर्जन के बाद विसर्जन जल का सही उपयोग करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
1 of 5
Ganpati Visarjan Vidhi - फोटो : अमर उजाला
Ganesh Visarjan Niyam: 6 सितंबर 2025 को अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर इस वर्ष अंतिम बार घर पर गणेश जी का विसर्जन किया जाएगा। कई परिवारों में यह परंपरा है कि गणपति मूर्ति का विसर्जन करने के लिए जल को किसी पात्र में भर लिया जाता है। लेकिन अक्सर इस विसर्जन जल को बिना सोच-विचार के इधर-उधर फेंक दिया जाता है, जिससे अनजाने में दोष लगने की संभावना बढ़ जाती है। यह समय है जब हम अपने रीति-रिवाजों को समझदारी से निभाएं और गणेश जी की पूजा-अर्चना के साथ ही विसर्जन जल का सही उपयोग करें।
Ganesh Visarjan 2025: अनंत चतुर्दशी के पहले कब-कब किया जा सकता है गणपति विसर्जन? जानें शुभ मुहूर्त और तिथि
गणेश विसर्जन के बाद उस जल को किसी खास पौधे में डालने की परंपरा बेहद शुभ मानी जाती है। ऐसा करने से न केवल जल का व्यर्थ नष्ट होना रोका जाता है, बल्कि यह मान्यता भी है कि इससे घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। इस पौधे को नियमित रूप से जल देने से पूरे साल सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता रहता है और परिवार पर गणेश जी की कृपा बनी रहती है। इसलिए इस अनंत चतुर्दशी पर गणपति विसर्जन के बाद विसर्जन जल का सही उपयोग करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Pitru Paksha 2025: पितरों को अर्पित न करें ये सब्जियां, असंतुष्ट रह जाते हैं पितृ
विज्ञापन

2 of 5
तुलसी के पौधे में विसर्जन जल डालने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं, घर में दरिद्रता दूर होती है। - फोटो : अमर उजाला।
विसर्जन जल को आक या तुलसी के पौधे में डालें
गणेश विसर्जन के बाद बचा हुआ जल किसी खास पौधे में डालना अत्यंत शुभ माना जाता है। सबसे पहले आता है आक का पौधा, जिसे गणेश जी का वास माना जाता है। विसर्जन जल को आक के पौधे में डालने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। इसके अलावा, तुलसी का पौधा भी बहुत महत्वपूर्ण है। तुलसी के पौधे में विसर्जन जल डालने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं, घर में दरिद्रता दूर होती है और सालभर लक्ष्मी-गणेश जी की कृपा बनी रहती है।
विज्ञापन

3 of 5
गणेश जी के विसर्जन के बाद पूजा में जली हुई बाती को कूड़ेदान में फेंकना सही नहीं होता। - फोटो : adobe
जली हुई रुई की बाती का क्या करें
गणेश जी के विसर्जन के बाद पूजा में जली हुई बाती को कूड़ेदान में फेंकना सही नहीं होता। इसे या तो किसी पवित्र बहते जल में प्रवाहित करना चाहिए या तुलसी के पौधे के पास की मिट्टी में दबा देना चाहिए। ऐसा करने से पूजा की पवित्रता बनी रहती है और दोष लगने से बचा जा सकता है।

4 of 5
गणेश विसर्जन के बाद कलश में रखे नारियल को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जा सकता है। - फोटो : अमर उजाला।
नारियल का विसर्जन और प्रसाद ग्रहण
गणेश विसर्जन के बाद कलश में रखे नारियल को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जा सकता है। इसे नदी या किसी बहते पानी में विसर्जित करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा, नारियल को किसी वृक्ष की जड़ में दबाना भी एक पवित्र क्रिया है, जिससे परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
गणेश विसर्जन के शुभ मुहूर्त - फोटो : अमर उजाला
गणेश विसर्जन के शुभ मुहूर्त
इस वर्ष गणेश विसर्जन के लिए कुछ खास शुभ मुहूर्त निर्धारित किए गए हैं:
  • सुबह 7:36 से 9:10 बजे तक
  • दोपहर 12:19 से शाम 5:02 बजे तक
  • शाम 6:37 से रात 8:02 बजे तक
इन समयों में गणपति विसर्जन करने से अनंत चतुर्दशी का पर्व और भी पवित्र और शुभ माना जाता है। इन मुहूर्तों का पालन करने से पूजा-अर्चना में अधिक सकारात्मक प्रभाव होता है और घर पर गणेश जी की कृपा बनी रहती है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें