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दशहरा 2017: 47 मिनट का होगा विजय मुहूर्त, इस तरह से करें पूजा

Sat, 30 Sep 2017 09:55 AM IST
amarujala.com- Presented by: किरण सिंह
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अश्चिन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयदशमी या दशहरा का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये त्यौहार 30 सितंबर को मनाया जा रहा है। राम ने लंकापति रावण से लंबा युद्ध किया और युद्ध के 10वें दिन रावण का वध करके विजय हासिल की। ऐसा भी कहा जाता है विजयदशमी या दशहरा दुर्गा पूजा या नवरात्रि समाप्ति का भी प्रतीक है। दशहरे के दिन लोगों अस्‍त्र शस्‍त्र की भी पूजा करते हैं और इसी के साथ दीवापली की तैयारी शुरू हो जाती है। दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन शुभ मुहूर्त में की गई पूजा शुभ परिणाम  देते हैं। जानिए पूजा का सही मुहूर्त

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दशमी तिथि 29 सितंबर को रा‌त्रि 11 बजकर 49 मिनट से शुरू हो जाएगी और 1 अक्टूबर को रात्रि 1 बजकर 35 मिनट तक रहेगी।  इस दिन विजय मुहूर्त 47 मिनट का रहेगा।
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विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 8 मिनट से 2 बजकर 55 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा अपरान्ह पूजा का समय दोपहर 1 बजकर 21 मिनट से 3 बजकर 42 मिनट तक रहेगा।

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विजयादशमी की संध्‍या बेला का समय विजयकाल कहलाता है। इस दिन अपराजिता पूजा और शमी पूजन विशेष रूप से किया जाता है। इसी काल में हाथी, घोड़े, अस्‍त्र और शस्‍त्र की पूजा की जाती है।
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अपराजिता पूजन कि लिए अपराह्न में गांव के उत्तर पूर्व की ओर जाकर एक स्वच्छ स्‍थल को गोबर से लीपना चा‌हिए। फिर चंदन से 8 कोण दल बनाकर संकल्प करना चाहिए। इसके बाद उस आकृति के बीच में अपराजिता देवी का आवह्वान करना चाहिए।

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