durga puja 2018
दुर्गा पूजा का कार्यक्रम
नवरात्रि के पहले दिन महालया अमवास्या पर पितरों का तर्पण करने के बाद माता दुर्गा का कैलाश पर्वत से पृथ्वी लोक पर आगमन होता है। नौ दिनों तक हर रोज देवी के अलग-अलग स्वरूपों में से एक रूप की पूजा की जाती है। नवरात्रि के षष्ठी तिथि के दिन पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाती है। मां दुर्गा की प्रतिमा के अलावा पंडाल में देवी सरस्वती , लक्ष्मी, भगवान गणेश, कार्तिकेय और राक्षस महिषासुर की मूर्तियों को रखा जाता है।
सप्तमी तिथि पर मां को भोग लगाया जाता है जिसमें उनका मनपसंद भोग जैसे खिचड़ी, पापड़, सब्जियां, बैंगन भाजा और रसगुल्ला जैसी चीजें शामिल होती हैं। अष्टमी पर भी मां को भोग लगाया जाता है और नवमी की तिथि माता की इस पृथ्वीलोक पर आखिर दिन होता है। दशमी तिथि पर यानी दशहरे वाले दिन सिंदूर की होली खेल कर माता को विसर्जित कर विदाई दी जाती है।