भगवान धन्वंतरि की पूजा विधि
- फोटो : adobe stock
भगवान धन्वंतरि की पूजा विधि
धनतेरस के दिन प्रदोष काल में भगवान धन्वंतरि की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। उत्तर-पूर्व दिशा में बैठकर उनकी आराधना करने से उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। इस अवसर पर भगवान गणेश, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा भी की जाती है। दीप जलाने से पहले खील या चावल रखकर उसके ऊपर दीपक रखें। शुद्ध जल से आचमन कराएं और रोली, कुमकुम, अक्षत, पुष्प, फल, नैवेद्य व दक्षिणा अर्पित कर भगवान से अपने रोगों के नाश की प्रार्थना करें।
परिवार में सुख और दीर्घायु के लिए पूजा के समय इस मंत्र का जाप करें-
‘ॐ नमो भगवते धन्वंतराय विष्णुरूपाय नमो नमः।’
धन्वंतरि मंत्र
ॐ धन्वंतरये नमः॥
मंत्र
ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतराये
अमृतकलश हस्ताय सर्वरोगनिवारणाय सर्वभय विनाशाय
त्रिलोकनाथाय श्रीमहाविष्णुस्वरूप श्रीधन्वंतरये नमः॥