ये चार महीने का समय चार्तुमास के नाम से जाना जाता है। इन दिनों में धर्म कर्म, पूजा-पाठ और भजन जप आदि करना लाभकारी माना जाता है। देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु जी की सोने, चांदी, तांबे या फिर पीतल की मूर्ति स्थापित करें। पूजा करने के बाद व्रत कथा अवश्य सुनना चाहिए। अंत में सफेद चादर से पलंग पर श्री विष्णु को शयन कराना चाहिए।