Chhath Puja 2025: आस्था-आत्मसंयम का पर्व छठ कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर मनाया जाता है। इसका प्रारंभ दिवाली के छह दिन बाद होता है, जिसकी विशेष रौनक बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश व झारखंड में दिखाई देती हैं। यहां महिलाएं पूरे विधि-विधान से छठी मैया की पूजा करते हुए संतान की लंबी उम्र और सुखी जीवन के लिए निर्जला उपवास रखती हैं। इस व्रत में मुख्य रूप से भगवान सूर्य और छठ मैया की उपासना का विधान है। हालांकि, छठ में महादेव के पूजन का भी खास महत्व माना गया है। धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक, छठी मैया शिव पुत्र कार्तिकेय जी की पत्नी हैं, इसलिए इस पावन दिन पर भोलेनाथ का स्मरण करना शुभ होता है। इस दौरान शिवलिंग पर जलाभिषेक के साथ कुछ चीजों को अर्पित करने से संतान सुख-व अच्छी सेहत का वरदान भी प्राप्त होता है। ऐसे में आइए इसके बारे में जानते हैं।