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Chhath Puja 2024 Niyam: आज से छठ पूजा का महापर्व हुआ शुरू, इन नियमों का जरूर करें पालन

Tue, 05 Nov 2024 06:36 AM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Chhath Puja 2024 Niyam:  इस साल छठ महापर्व की शुरुआत 05 नवंबर से हो रही हैं, जिसका समापन 08 नवंबर को होगा।
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Chhath Puja 2024 - फोटो : Amar Ujala
Chhath Puja 2024 Niyam: छठ पूजा के पर्व की शुरुआत कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से होती है। इस त्योहार का समापन सप्तमी तिथि पर होता है। इस साल छठ महापर्व की शुरुआत 05 नवंबर यानी आज से हो रही है, जिसका समापन 08 नवंबर को होगा। चार दिनों तक चलने वाला यह पर्व छठी मैया की पूजा को समर्पित है। इस दौरान व्रत की शुरुआत हमेशा नहाय-खाय से की जाती है। जिसके बाद खरना की रस्म करने की परंपरा है।

भारत में मुख्य तौर पर छठ का पर्व बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं संतान की लंबी उम्र और स्वास्थ्य के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। कहते हैं कि छठ पूजा के इस पावन पर्व में यदि सूर्य देव की विधि अनुसार पूजा की जाए तो संतान के जीवन में खुशियों का वास होता है। इस दौरान पूजा और व्रत में कई नियमों का पालन भी किया जाता है, जिससे व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है। ऐसे में आइए छठ पूजा व्रत के नियमों को जानते हैं।
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Chhath puja 2024 - फोटो : freepik
छठ पूजा 2024 कैलेंडर
छठ पूजा का पहला दिन, 5 नवंबर 2024- नहाय खाय (मंगलवार)
छठ पूजा का दूसरा दिन, 6 नवंबर 2024- खरना (बुधवार)
छठ पूजा का तीसरा दिन, 7 नवंबर 2024- संध्या अर्घ्य (गुरुवार)
छठ पूजा का चौथा दिन, 8 नवंबर 2024- उषा अर्घ्य (शुक्रवार)
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Chhath puja 2024 - फोटो : freepik
छठ पूजा के नियम
  • छठ पूजा का पर्व नहाय-खाय के साथ शुरू होता है। इस दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है। माना जाता है कि नहाय-खाय से ही घर में लहसुन और प्याज का उपयोग नहीं करना चाहिए। 
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार छठ पूजा का प्रसाद हमेशा साफ-सफाई वाले स्थान पर बनाना चाहिए। इस दौरान उपयोग होने वाले बर्तन व अन्य चीजों की स्वच्छता का खास ध्यान रखें।

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Chhath puja 2024 - फोटो : freepik
  • माना जाता है कि छठ का प्रसाद नए चूल्हे पर बनाना चाहिए। यह चूल्हा ऐसा हो, जिसे रोजाना लीपा जा सके। अगर आप किसी गैस स्टोव का प्रयोग करते हैं, तो नए स्टोव का प्रयोग करना चाहिए। आप इसे हर साल केवल छठ के दिन भी प्रयोग कर सकते हैं।
  • छठ पूजा का पर्व पूरे चार दिनों तक चलता है। इस अवधि में व्रती लोगों को बिस्तर पर नहीं सोना चाहिए। 
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Chhath puja 2024 - फोटो : freepik
  • मान्यताओं के अनुसार छठ पूजा के दौरान स्टील या शीशे के बर्तनों का उपयोग नहीं करना चाहिए। आप बांस से बने सूप और टोकरी का ही इस्तेमाल करें।
  • छठ पूजा के दिनों में घरों में बन रहे प्रसाद का खास महत्व होता है। इसलिए इसे बनाते समय कभी भी जूठा न करें।
 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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