फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandra Grahan 2026: रक्षाबंधन पर लगेगा साल का दूसरा चंद्र ग्रहण, जानें क्या पर्व पर पड़ेगा इसका प्रभाव

Tue, 09 Jun 2026 04:15 PM IST
Jyoti Mehra धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Chandra Grahan 2026: इस साल रक्षाबंधन के दिन यानी 28 अगस्त को सावन पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि क्या इस ग्रहण का असर रक्षाबंधन के त्योहार पर पड़ेगा या नहीं।
विज्ञापन
1 of 5
इस साल रक्षाबंधन पर रहेगा चंद्र ग्रहण का साया - फोटो : AI
Chandra Grahan On Raksha Bandhan 2026: साल 2026 में रक्षाबंधन के दिन एक खास खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। दरअसल, 28 अगस्त को सावन पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है, जिससे इस बार राखी को लेकर लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। आमतौर पर चंद्र ग्रहण पूर्णिमा तिथि पर ही होता है और इस बार भी यह एक आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि क्या इस ग्रहण का असर रक्षाबंधन के त्योहार पर पड़ेगा या नहीं।

कब लगेगा चंद्र ग्रहण?
भारतीय समय के अनुसार यह चंद्र ग्रहण सुबह 06:53 बजे से शुरू होकर दोपहर 12:32 बजे तक रहेगा। इसकी कुल अवधि करीब 5 घंटे 39 मिनट बताई जा रही है। यह एक गहरा आंशिक ग्रहण होगा, जिसमें चंद्रमा का बड़ा हिस्सा पृथ्वी की छाया में ढक जाएगा। इस दौरान चंद्रमा का रंग हल्का लाल या तांबे जैसा नजर आ सकता है, इसी वजह से इसे ‘ब्लड मून’ भी कहा जाता है।
विज्ञापन

2 of 5
कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में ग्रहण  - फोटो : adobe
कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में ग्रहण 
ज्योतिषीय दृष्टि से यह ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में घटित होगा। इसलिए इस राशि से जुड़े लोगों के लिए यह घटना खास मानी जा रही है। हालांकि, किसी भी व्यक्ति पर ग्रहण का वास्तविक प्रभाव उसकी व्यक्तिगत कुंडली पर निर्भर करता है, इसलिए सभी के लिए इसका असर एक जैसा नहीं होता।
 
विज्ञापन

3 of 5
क्या रक्षाबंधन के पर्व पर का ग्रहण का प्रभाव पड़ेगा?  - फोटो : adobe stock
क्या रक्षाबंधन के पर्व पर का ग्रहण का प्रभाव पड़ेगा? 
ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण का प्रभाव वहीं मान्य होता है जहां वह दिखाई देता है। ऐसे में भारत में इस ग्रहण के कारण सूतक काल लागू नहीं होगा। इसका सीधा मतलब यह है कि रक्षाबंधन का त्योहार यहां बिना किसी बाधा के मनाया जा सकेगा। बहनें शुभ मुहूर्त में अपने भाइयों को राखी बांध सकती हैं। हालांकि, भद्रा काल का ध्यान रखना जरूरी रहेगा, क्योंकि राखी बांधने के लिए भद्रा का समय अशुभ माना जाता है।

4 of 5
कहां दिखेगा चंद्र ग्रहण? - फोटो : Freepik
कहां दिखेगा चंद्र ग्रहण?
जहां तक इस ग्रहण की दृश्यता की बात है, यह मुख्य रूप से अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका और प्रशांत व अटलांटिक महासागर के आसपास के क्षेत्रों में दिखाई देगा। इन जगहों पर लोग चंद्रमा को सामान्य से अलग रंग में देख पाएंगे, जो इस खगोलीय घटना को और भी रोचक बना देगा।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
इस साल रक्षाबंधन पर रहेगा चंद्र ग्रहण का साया - फोटो : Adobe stock
इस बार रक्षाबंधन के दिन चंद्र ग्रहण लग रहा है, लेकिन भारत में इसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसलिए इस पावन पर्व की खुशियों में कोई कमी नहीं आएगी और भाई-बहन का यह पवित्र रिश्ता पहले की तरह ही उत्साह और प्रेम के साथ मनाया जाएगा।

Morning Mantra: सुबह आंख खुलते ही हथेलियों को देखकर बोलें ये मंत्र, हर कार्य में मिलेगी सफलता
Shani Chalisa Path: शनि चालीसा पाठ करते समय करें इन नियमों का पालन, दूर होंगे सभी कष्ट 
Heavy Rainfall: क्यों होती है भीषण बारिश? क्या बताया गया है धर्म और पुराणों में अतिवृष्टि और अनावृष्टि का कारण

 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें