किस दिन किए जाएंगे श्राद्ध, तर्पण और अन्य कर्म?
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किस दिन किए जाएंगे श्राद्ध, तर्पण और अन्य कर्म?
पितरों का श्राद्ध आमतौर पर दोपहर के समय, लगभग 11 बजे के बाद किया जाता है। 15 जून को अमावस्या तिथि सुबह ही समाप्त हो रही है और इसके बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा शुरू हो जाएगी। ऐसे में उस दिन श्राद्ध करना शास्त्रसम्मत नहीं माना जाता। वहीं 14 जून को अमावस्या तिथि दोपहर में प्रारंभ हो रही है, इसलिए इसी दिन श्राद्ध अमावस्या मानी जाएगी और पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण और अन्य कर्म किए जा सकते हैं।