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Chaitra Navratri 2025: किस दिन से होगी चैत्र नवरात्रि की शुरुआत? जानें तिथि और मुहूर्त

Sat, 15 Mar 2025 07:19 AM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नवरात्रि का पर्व माता दुर्गा की भक्ति और शक्ति उपासना का विशेष समय होता है। भक्तजन नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना कर धर्म और आध्यात्मिकता में लीन रहते हैं।
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Chaitra Navratri 2025 - फोटो : Amar Ujala
Chaitra Navratri 2025: नवरात्रि का पर्व माता दुर्गा की भक्ति और शक्ति उपासना का विशेष समय होता है। भक्तजन नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना कर धर्म और आध्यात्मिकता में लीन रहते हैं। देवी पुराण के अनुसार इस दौरान मां दुर्गा धरती पर वास करती हैं, जिससे वातावरण भक्तिमय हो जाता है।

चैत्र नवरात्रि 2025 की तिथि
इस वर्ष चैत्र नवरात्रि 30 मार्च 2025 से प्रारंभ होगी। वहीं 6 अप्रैल 2025 को राम नवमी के साथ इसका समापन होगा। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना के साथ हिंदू नववर्ष का शुभारंभ भी होगा और गुड़ी पड़वा का पर्व मनाया जाएगा।
 

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Navratri Pujan - फोटो : adobe stock
माता के आगमन और प्रस्थान का वाहन
इस बार नवरात्रि का आरंभ और समापन दोनों रविवार को हो रहा है, जिससे मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आएंगी और इसी पर प्रस्थान करेंगी। हाथी पर माता का आगमन बेहद शुभ माना जाता है, जो अच्छे वर्षा चक्र, समृद्धि और खुशहाली का संकेत देता है। मान्यता है कि देवी की सवारी से आने वाले समय की स्थिति का अंदाजा लगाया जाता है, जिसमें प्रकृति, कृषि और समाज पर पड़ने वाले प्रभाव शामिल होते हैं।
 

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navratri 2025 - फोटो : adobe stock
कलश स्थापना मुहूर्त
प्रतिपदा तिथि प्रारंभ: 29 मार्च 2025, शाम 4:27 बजे
प्रतिपदा तिथि समाप्त: 30 मार्च 2025, दोपहर 12:49 बजे
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त: सुबह 6:13 बजे से 10:22 बजे तक 
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:01 बजे से 12:50 बजे तक
कलश स्थापना शुभ मुहूर्त में करने से व्रत और पूजा का विशेष फल प्राप्त होता है।
 

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Navratri 2025 - फोटो : freepik
नवरात्रि का महत्व
नवरात्रि में माता की आराधना करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है। इस दौरान देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है, जिससे भक्तों को शक्ति, ज्ञान और समृद्धि प्राप्त होती है।
 

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Navratri 2025 - फोटो : amar ujala
इस साल नवरात्रि विशेष रूप से फलदायी होगी क्योंकि देवी का वाहन हाथी शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
 

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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