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Chaitra Navratri 2025: चैत्र नवरात्रि के पहले दिन इस विधि से करें देवी की पूजा, मिलेगी विशेष कृपा

Sun, 30 Mar 2025 06:07 AM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Chaitra Navratri 2025: हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्रि की शुरुआत होती है। इसका समापन नवमी तिथि पर किया जाता है।
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Chaitra Navratri 2025 - फोटो : freepik
Chaitra Navratri 2025: हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्रि की शुरुआत होती है। इसका समापन नवमी तिथि पर किया जाता है। इस बार 30 मार्च 2025 से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है, जो 6 अप्रैल को समाप्त होंगी। ये नौ दिन मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की भव्य पूजा को समर्पित है। इस अवधि में इनकी उपासना करने से साधक की सभी समस्याएं समाप्त होती हैं, साथ ही मां दुर्गा की विशेष कृपा भी प्राप्त होती हैं। 

कहते हैं नवरात्रि के दिनों में देवी पृथ्वी लोक पर आती हैं। इसलिए उनकी आराधना हमेशा विधि-विधान से करनी चाहिए। इस बार देवी हाथी पर सवार होकर आ रही हैं, जो बेहद शुभ और धन लाभ का संकेत है। इस दौरान रेवती नक्षत्र और ऐन्द्र योग के साथ-साथ हिंदू नववर्ष का संयोग भी बन रहा है। इस संयोग में माता की पूजा पूर्ण विधि से करने पर वह प्रसन्न होती हैं और सभी दुखों को हरती है। ऐसे में आइए नवरात्रि के पहले दिन की पूजा विधि के बारे में विस्तार से जानते है...
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Chaitra Navratri 2025 - फोटो : freepik
कलश स्थापना विधि
  • पूजा से पहले कलश स्थापना का विधान है।
  • आप सबसे पहले एक मिट्टी के पात्र को लेकर उसमें थोड़ी सी मिट्टी डाल दें। 
  • फिर इस पात्र में जौ के बीज डालकर उसे मिलाएं। 
  • इसके बाद मिट्टी के पात्र पर पानी से छिड़काव करें।
  • अब आप एक तांबे का लोटा लेकर उसपर स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं। 
  • उसके ऊपरी हिस्से में मौली बांधकर साफ जल भरें।
  • इस जल में दूब, अक्षत, सुपारी और कुछ पैसे रख दें। 
  • अशोक की पत्तियां कलश के ऊपर रख दें।
  • अब पानी के एक नारियल को लाल चुनरी से लपेटकर मौली बांध दें।
  • इस नारियल को कलश के बीच में रख दें, और बाद में इसे पात्र के मध्य में स्थापित कर दें।
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Chaitra Navratri 2025 - फोटो : freepik
पूजन विधि
  • नवरात्रि की पूजा से पहले विधि-विधान से घट स्थापना करें।
  • वहीं नवरात्रि के पहले दिन शैलपुत्री माता की पूजा की जाती है।
  • आप पूजा करने के लिए सबसे पहले अग्यारी करें और उसपर लौंग का जोड़ा रखें
  • अब देवी के समक्ष ज्योति जलाएं।
  • फिर कुछ मौसमी फल और बताशे प्रसाद के रूप में रखें।
  • अब कुमकुम, हल्दी, सफेद चंदन, अक्षत, सिंदूर अर्पित करें।
  • इसके अलावा आप पान, सुपारी, लौंग, नारियल 16 श्रृंगार का सामान चढ़ा सकते हैं।
  • नवरात्रि के पहले दिन देवी को सफेद रंग का पुष्प अर्पित करें।
  • फिर दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
  • अब मां शैलपुत्री के बीज मंत्रों का जाप करें और आरती करना शुरू करें।
  • अंत में माता की आरती करते हुए गलतियों की माफी मांगे।

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Chaitra Navratri 2025 - फोटो : adobe
घटस्थापना शुभ मुहूर्त 

1. कलश स्थापना का पहला मुहूर्त
प्रातः 6:15 बजे से प्रातः 7:22 बजे तक। 

2. नवरात्रि के घटस्थापना के लिए दूसरा शुभ मुहूर्त
प्रातः 11:46 से दोपहर 12:33 बजे के बीच घटस्थापना कर सकते हैं।
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Chaitra Navratri 2025 - फोटो : amar ujala
कलश स्थापना के लिए सामग्री
मिट्टी, मिट्टी का घड़ा, मिट्टी का ढक्कन, कलावा, जटा वाला नारियल, जल, गंगाजल, लाल रंग का कपड़ा, एक मिट्टी का दीपक, मौली, थोड़ा सा अक्षत, हल्दी।
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Chaitra Navratri 2025 - फोटो : freepik
मां दुर्गा के सोलह श्रृंगार की लिस्ट
लाल चुनरी, लाल चूड़ियां, सिंदूर, बिंदी, काजल,  मेहंदी, महावर, शीशा, बिछिया, इत्र, चोटी, गले के लिए माला या मंगलसूत्र, पायल, नेल पेंट, लिपस्टिक, रबर बैंड, नथ, गजरा, मांग टीका, कान की बाली, कंघी, शीशा आदि।

अखंड ज्योति के लिए सामग्री
पीतल या मिट्टी का साफ दीया, रुई की बत्ती, रोली या सिंदूर, चावल।
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Chaitra Navratri 2025 - फोटो : freepik
नवरात्रि कैलेंडर
  • प्रतिपदा 30 मार्च 2025 शैलपुत्री
  • द्वितीया 31 मार्च 2025 ब्रह्मचारिणी
  • तृतीया 31 मार्च 2025  चंद्रघंटा
  • चतुर्थी 02 अप्रैल 2025 कुष्मांडा
  • पंचमी 03 अप्रैल 2025 स्कंदमाता
  • षष्ठी 04 अप्रैल 2025 कात्यायनी
  • सप्तमी 05 अप्रैल 2025 कालरात्रि
  • अष्टमी व नवमी 06 अप्रैल 2025 महागौरी व सिद्धिदात्री
 
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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