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Chaitra Navratri Day 1: चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री को लगाएं ये भोग, जानें पूजा विधि और मंत्र

Mon, 31 Mar 2025 11:17 AM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना का विशेष महत्व होता है। आइए जानते हैं मां शैलपुत्री की पूजा के लिए किन नियमों का पालन करना चाहिए और उन्हें किन चीजों का भोग लगाना चाहिए। 
 
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चैत्र नवरात्रि: मां शैलपुत्री को लगाएं ये भोग - फोटो : adobe stock
Chaitra Navratri 2025 1st Day:  इस बार चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ रविवार, 30 मार्च 2025 से हो रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है, जिन्हें नवदुर्गा के नाम से जाना जाता है। नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना का विशेष महत्व होता है, क्योंकि यह देवी दुर्गा का प्रथम रूप मानी जाती हैं।

घटस्थापना और पूजन विधि
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इस दिन सबसे पहले विधिपूर्वक घटस्थापना की जाती है, जिसके लिए शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना आवश्यक होता है। 30 मार्च को घटस्थापना के लिए दो विशेष शुभ मुहूर्त रहेंगे। पहला प्रातः काल: सुबह 6:13 से 10:22 बजे तक और दूसरा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:01 बजे से 12:50 बजे तक।
 

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कौन हैं मां शैलपुत्री? - फोटो : adobe
कौन हैं मां शैलपुत्री?
मां शैलपुत्री का जन्म हिमालय राज के घर हुआ था, इसलिए इन्हें 'शैलपुत्री' नाम दिया गया। 'शैल' का अर्थ होता है पहाड़ या पर्वत। उनका वाहन वृषभ (बैल) है, जो शिव का प्रतीक माना जाता है। देवी शैलपुत्री का स्वरूप अत्यंत शांत और सौम्य माना जाता है। इनके दाएं हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल सुशोभित होता है। देवी शैलपुत्री वन्य जीव-जंतुओं की रक्षक भी मानी जाती हैं और श्रद्धालु भक्तों की सभी इच्छाएं पूर्ण करती हैं।
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पूजा विधि  - फोटो : freepik
पूजा विधि 
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विधान है। इसके लिए प्रातः स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल पर एक चौकी रखें और उस पर मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से कलश स्थापना करें। अब मां शैलपुत्री का ध्यान करते हुए पूजन प्रारंभ करें। मान्यता है कि षोडशोपचार विधि से पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ती होती है। इसके बाद मां को कुमकुम, सफेद, लाल या पीले फूल अर्पित करें और दीप प्रज्वलित करके धूप जलाएं। इसके साछ ही देवी की आरती करें और दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तशती या मां शैलपुत्री की कथा का पाठ करें।

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मां शैलपुत्री को लाएं इन चीजों का भोग - फोटो : adobe stock
मां शैलपुत्री को लाएं इन चीजों का भोग
देवी शैलपुत्री को सफेद रंग अत्यंत प्रिय होता है। इसलिए उनकी पूजा में सफेद रंग की चीजों का विशेष रूप से प्रयोग किया जाता है, जैसे- सफेद फूल, वस्त्र, मिष्ठान आदि। ऐसी मान्यता है कि जो कुंवारी कन्याएं श्रद्धापूर्वक मां शैलपुत्री की पूजा करती हैं, उन्हें मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होता है।
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Chaitra Navratri 2025 मां शैलपुत्री पूजा मंत्र  - फोटो : adobe
मां शैलपुत्री पूजा मंत्र 
  • ऊँ देवी शैलपुत्र्यै नमः ।।
  • या देवी सर्वभूतेषु शैलपुत्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नम:।।
  • वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्। वृषारुढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्।।
 

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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