देवी चंद्रघंटा
तृतीय चंद्रघंटा
नवरात्र के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की उपासना की जाती है एवं इस दिन साधक का मन 'मणिपुर चक्र' में प्रविष्ट होता है।
पूजा फल-
- इनकी आराधना से साधकों को चिरायु,आरोग्य,सुखी और संपन्न होने का वरदान प्राप्त होता है तथा स्वर में दिव्य,अलौकिक माधुर्य का समावेश हो जाता है। प्रेत-बाधादि से ये अपने भक्तों की रक्षा करती है।
- क्रोधी,छोटी-छोटी बातों से विचलित हो जाने और तनाव लेने वाले तथा पित्त प्रकृति के लोग मां चंद्रघंटा की भक्ति करें।
नवरात्रि के अवसर पर माता वैष्णों को चढ़ाएं भेंट, प्रसाद से पूरी होगी हर मुराद