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चैत्र नवरात्रि 2020: मां ब्रह्मचारिणी तपस्या और आराधना की प्रतीक हैं, जानिए संपूर्ण कथा

Thu, 26 Mar 2020 12:40 AM IST
योगेश जोशी धर्म डेस्क, अमर उजाला
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चैत्र नवरात्र: दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
26 मार्च, गुरुवार यानी आज नवरात्रि का दूसरा दिन है। नवरात्रि के दूसरे दिन मां के दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी की पूजा-आराधना की जाती है। नवरात्रि के 9 दिनों का बहुत अधिक महत्व होता है। इन दिनों पूजा- अर्चना का विशेष फल मिलता है। आइए, आज जानते हैं मां के ब्रहाचारिणी स्वरुप के बारे में।  ब्रह्मचारिणी  दो शब्दो से मिलकर बना है, ब्रह्रा जिसका का अर्थ होता है तपस्या और चारिणी का मतलब आचरण करने वाली। नवरात्रि में मां ब्रहमचारिणी की पूजा करने से व्यक्ति में तप, त्याग और संयम में वृद्धि होती है।
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चैत्र नवरात्र: दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
मां दुर्गा के नौ स्वरूपों में देवी ब्रह्राचारिणी का दूसरा स्वरूप है
  • मां दुर्गा के नौ स्वरूपों में देवी ब्रह्राचारिणी का दूसरा स्वरूप है। मां ब्रह्राचारिणी हमेशा कठोर तपस्या में लीन रहती है। मां के हाथों में माला और दूसरे हाथ में कमंडल होता है। मां ने भगवान शिव को पति रुप में पाने के लिए हजार सालो तक कठिन तप और उपवास किया था। 
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चैत्र नवरात्र: दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
मां की तपस्या
  • शास्त्रों के अनुसार मां कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी भगवान भोलेनाथ की तपस्या में लीन रही। हजार वर्षों तक टूटे हुए बिल्व पत्र खाए और भगवान शंकर की आराधना करती रहीं। कई हजार वर्षों तक बिना पानी के और निराहार रह कर तपस्या करती रहीं।

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चैत्र नवरात्र: दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
मां का यह रूप तपस्या और आराधना का प्रतीक
  • घोर तपस्या के बाद भगवान शिव के पति रूप में प्राप्त होने का वरदान मिला। इससे बाद मां अपने पिता के घर लौट आई। इस कारण से मां का यह रूप तपस्या और आराधना का प्रतीक माना जाता है।
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चैत्र नवरात्र: दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
मां ब्रह्राचारिणी देवी की पूजा से सर्वत्र और विजय की प्राप्ति होती है
  • जो भक्तगण मां ब्रह्राचारिणी देवी की पूजा करता है उसे सर्वत्र और विजय की प्राप्ति होती है। इस दिन ऐसी कन्याओं का पूजन किया जाता है कि जिनका विवाह तय हो गया है लेकिन अभी शादी नहीं हुई है। इन्हें अपने घर बुलाकर पूजन के पश्चात भोजन कराकर वस्त्र, पात्र आदि भेंट किए जाते हैं।
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