आठ दिन का नवरात्र रविवार को ही पूर्ण हो रहा है। गज पर सवार होकर आ रही माता हाथी पर विदा भी होंगी। ये संयोग व्रत को और भी मंगलकारी बना रहा है। नव संवत्सर की कुंडली के सप्तम भाव में स्थित सूर्य, चंद्र, बुध और शुक्र की युति से भद्र नामक योग बन रहा है। ये कल्याणकारी फल देने वाला होता है। इन सभी सुयोगों के मिलने के कारण यह नवरात्र और नव संवत्सर विश्व के लिए कल्याणकारी होगा। हालांकि, मंगल और शनि की युति राजनीतिक उथल-पुथल के संकेत दे रही है।