Old Diya Lighting Good or Bad: दिवाली, जिसे रोशनी का पर्व कहा जाता है, भारतीय संस्कृति में एक अत्यंत पावन और उल्लासपूर्ण त्योहार है। यह सिर्फ दीप जलाने या मिठाइयाँ बाँटने का पर्व नहीं है, बल्कि अंधकार पर प्रकाश की, असत्य पर सत्य की और नकारात्मकता पर सकारात्मकता की जीत का प्रतीक है। इस दिन लोग अपने घरों को साफ-सुथरा कर दीपों से सजाते हैं और माँ लक्ष्मी तथा भगवान गणेश की पूजा करके सुख, समृद्धि और शांति की कामना करते हैं।
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हालाँकि, जब बात दीयों की आती है, तो बहुत से लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या पुराने, पिछले वर्ष के मिट्टी के दीयों या किसी अन्य पूजा में उपयोग किए गए दीयों को फिर से दिवाली पर जलाना उचित होता है? क्या ऐसा करना शुभ है या इससे नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है? इन सवालों को समझना जरूरी है, क्योंकि पूजा-पद्धति में शुद्धता और विधि का विशेष महत्व होता है। आइए जानें कि इस बारे में धर्मशास्त्र और परंपरा क्या कहते हैं और दिवाली पर दीये जलाने की सही विधि क्या मानी जाती है।