देश में कई ऐसे मंदिर है जहां पर कोई न कोई चमत्कार जुड़ा हुआ जरूर होता है इन्हीं मंदिरों में एक ऐसा शिव मंदिर है जहां पर हर साल आकाशीय बिजली गिरती रहती है। बिजली महादेव के ऊपर आसमानी बिजली गिरने के बाद भी मंदिर को कोई नुकसान नहीं होता है। ऐसा क्यों होता है, इसकी कहानी बड़ी ही रोचक है।
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mahadev
इस पर गिरने वाली बिजली शिवलिंग के टुकड़े-टुकड़े कर देती है। यह सिलसिला सदियों से चला आ रहा है और महादेव चुपचाप इस दर्द को सहते चले आ रहे हैं।
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amar ujaleshwar mahadev
- फोटो : amar ujala
महादेव के दर्द को दूर करने के लिए यहां के पुजारी मक्खन का मरहम लगाते हैं ताकि बिजली के दर्द से उन्हें छुटकारा मिले।
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Bhureshwar Mahadev Temple
महादेव का यह शिवलिंग कुल्लू से 18 किलोमीटर की दूरी पर मथान नामक स्थान पर स्थित है। शिवलिंग पर बिजली गिरते रहने का कारण इस शिव मंदिर को बिजलेश्वर महादेव के नाम से पूरे क्षेत्र में जाना जाता है। इस शिवलिंग को स्थानीय लोग मक्खन महादेव भी कहते हैं।
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mahadev temple
पुराणों में उल्लेख है कि यह महादेव का प्रिय योग स्थल है, यहीं पर महादेव ने जलंधर नामक असुर का वध किया था। बिजलेश्वर महादेव के विषय में मान्यता है कि जब कभी भी संसार पर संकट आने वाला होता है तब महादेव संकट को अपने ऊपर ले लेते हैं। पुराणों में महादेव पर बिजली गिरने का कारण यह बताया गया है कि बिजली के अत्यधिक प्रभाव से मानवजाति की रक्षा के लिए वशिष्ठ मुनि ने शिव जी से प्रार्थना की।
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Har har Mahadev
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद भगवान शिव ने बिजली का रुख अपनी ओर कर लिया और शिव के प्रतीकात्मक रूप शिवलिंग के टुकड़े हो गये। इसके बाद से ही यह घटना हर दो साल पर होती है। कभी मंदिर का ध्वज बिजली से टुकड़े-टुकड़े हो जाता है तो कभी शिवलिंग।
माना जाता है कि देवविधि से पुन: शिवलिंग पहली जैसी स्थिति में अपना रूप धारण कर लेता है। उनका कहना है कि कई बार शिवलिंग खंडित हुआ है। दोबारा मक्खन से शिवलिंग पुन: पहली जैसी स्थिति में अपना रूप धारण कर लेता है।